
रेखा ने आगे बताया कि ‘लेकिन ये किस्मत ही थी कि उन्हें हिंदी ना आते हुए भी हिंदी फिल्म के लिए साइन कर लिया गया. उस वक्त वो बिल्कुल भी हिंदी बोलना नहीं जानती थीं और ना ही उन्हें बॉलीवुड में एक्टिंग करना था’. रेखा ने बताया कि वो कभी भी एक्ट्रेस नहीं बनना चाहती थीं, लेकिन उनकी मां की ये ख्वाहिश थी कि उनकी बेटी एक बड़ी एक्ट्रेस बने. इसी कारण के चलते जब रेखा को हिंदी फिल्मों में काम करने का मौका मिला तो उन्होंने इस मौके को हाथ से जाने नहीं दिया.

रेखा ने इस इंटरव्यू में बताया था कि ‘शुरूआत के 6 साल उनसे जबरदस्ती एक्टिंग करवाई गई. वो शूटिंग पर ना जाने के बहाने बनाती थीं. कभी बीमारी का बहाना करतीं तो कभी बिना बताए सेट से गायब हो जातीं. लेकिन 1975 में आई घर फिल्म के बाद उन्हें एक्टिंग में दिलचस्पी होने लगी और उन्होंने इस काम का गंभीरता से लेना शुरू कर दिया. इस फिल्म के बाद रेखा ने एक्टिंग पर बारीकी से ध्यान देना शुरू किया और वो सिलसिला आज भी कायम है’.

बता दें कि भले ही आज रेखा फिल्मों में नजर नहीं आतीं, लेकिन फिर भी वो सुपरस्टार हैं. रेखा ने अपने करियर की शुरूआत बतौर चाइल्ड आर्टिस् की थी. इसके बाद रेखा साउथ इंडस्ट्री की एक फेमस एक्ट्रेस बन गईं और फिर किस्मत उन्हें बॉलीवुड ले आईं. रेखा ने 180 से अधिक फिल्मों में काम किया है