भारत की टेनिस स्टार रहीं सानिया मिर्ज़ा और पाकिस्तान क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान शोएब मलिक अलग हो चुके हैं. इसके बाद शोएब ने अपना तीसरा निकाह भी कर लिया है. पाकिस्तानी एक्ट्रेस सना जावेद से उन्होंने तीसरी शादी की है.
सानिया मिर्ज़ा से अलग होकर शोएब मलिक ने सना जावेद से तीसरी शादी की है. शोएब ने आयशा सिद्दीकी से अपना पहला निकाह किया था और फिर सानिया के लिए शोएब ने आयशा को धोखा दिया था.
आयशा सिद्दीकी भी भारत के हैदराबाद की रहने वाली हैं. आयशा का आरोप था कि शोएब मलिक उनसे तलाक लिए बिना ही सानिया मिर्ज़ा से शादी करने जा रहे थे.
आयशा के अनुसार उनकी और शोएब की शादी साल 2002 में हुई थीं. हालांकि क्रिकेटर शोएब मलिक पहले तो इस शादी से इनकार करते रहे लेकिन जब आयशा ने पुलिस में शादी की वीडियो दिखा कर मामला दर्ज कराया तब मजबूरन शोएब मलिक ने पहली शादी मानी थी.
आयशा का यह भी कहना था कि उन्हें शोएब से कुछ नहीं चाहिए वह उनसे बाद तलाक चाहती हैं. सानिया के शादी के कुछ दिन पहले कुछ मध्यस्थों की मध्यस्थता के बाद शोएब और आयशा का तलाक हुआ.
कहा जाता है कि तलाक के बाद शोएब द्वारा आयशा सिद्दीकी को गुजारा-भत्ता के रूप में 15 करोड़ रु दिए गए थे. कहा जाता है कि आयशा और शोएब के अलग होने की वजह आयशा सिद्दीकी का मोटा होना था, शोएब उन्हें इस वजह से पसंद नहीं करते थे.

क्या तलाक के बाद अब सानिया मिर्ज़ा को गुजारा भत्ता देंगे शोएब मलिक? अगर हां तो कितना? जानिए

भारत की टेनिस स्टार सानिया मिर्ज़ा और पाकिस्तान क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान शोएब मलिक का तलाक हो गया है. तलाक के बाद शोएब ने एक्ट्रेस सना जावेद से तीसरा निकाह भी कर लिया है.
लेकिन अब यह सवाल उठता है कि क्या करोड़ों की संपत्ति की मालकिन होने के बावजूद क्या उन्हें शोएब मलिक से गुजारा भत्ता हासिल करने का हक है या नहीं?
सानिया मिर्ज़ा की कुल संपत्ति 200 करोड़ रु से भी ज्यादा बताई जाती है. इस वजह से अब यह सवाल लाज़मी है कि क्या सानिया मिर्ज़ा को गुजारा भत्ता मिलेगा?
मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो शोएब ने अपनी पहली पत्नी आयशा सिद्दीकी को तलाक के बाद करीब 15 करोड़ रुपए दिए थे. लेकिन सानिया के केस में ऐसा होता नजर नहीं आ रहा है.
तलाक के इतने दिनों बाद भी ऐसी कोई रिपोर्ट सामने नहीं आई है जिसमें यह कहा गया हो कि सानिया की तरफ से ऐसी कोई अपील की गई हो या शोएब की ओर से उन्हें कोई गुजारा भत्ता की राशि दी गई हो. एक रिपोर्ट यह भी कहा गया है कि के मुताबिक तलाक की स्थिति में मुस्लिम महिलाओं को पाकिस्तान में मेंटेनेंस पाने का हक नहीं है.
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