नब्बे के दशक में दूरदर्शन सिर्फ मनोरंजन का माध्यम नहीं था — वह पूरे परिवार को एक साथ बैठाने वाली शाम की रस्म हुआ करता था। उस दौर में आए कई सीरियल आज भी दर्शकों की यादों में बसे हैं, और इन्हीं में से एक है साल 1994 में प्रसारित हुआ इन्वेस्टिगेटिव ड्रामा ‘Reporter’। शेखर सुमन की मुख्य भूमिका वाले इस शो ने हर एपिसोड में सस्पेंस और रहस्य से दर्शकों को बांध रखा था, जब शेखर सुमन हिंदी टेलीविजन के सबसे लोकप्रिय चेहरों में गिने जाते थे।
‘Reporter’ में शेखर सुमन ने एक निडर और साहसी पत्रकार का किरदार निभाया था, जो जटिल मामलों की तह तक जाकर सच्चाई सामने लाता था। उस दौर के पारिवारिक धारावाहिकों से अलग, इस शो का फॉर्मेट बिल्कुल नया था — हर एपिसोड में एक नया मामला, और रिपोर्टिंग के जरिए आखिर में केस का सुलझना।
शो की एक खास बात यह भी थी कि इसमें न्यूजरूम का माहौल और पत्रकारों की दिनचर्या को पर्दे पर उतारा गया था। स्रोतों के मुताबिक, कुछ लोग इस शो को अमेरिकी सीरीज ‘द न्यूजरूम’ से प्रेरित मानते हैं। शेखर सुमन के साथ राज किरण और नताशा सिन्हा भी अहम भूमिकाओं में नजर आए थे, और निर्देशन विनोद पांडे का था।
‘Reporter’ की सबसे चर्चित खूबियों में से एक यह थी कि इसके कुछ एपिसोड उस समय की बड़ी सच्ची घटनाओं से प्रेरित थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इनमें 1992 का हर्षद मेहता शेयर घोटाला भी शामिल था — वह घोटाला जो अप्रैल 1992 में पत्रकार सचेत दालाल की रिपोर्टिंग से सामने आया था और जिसने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था। NDTV की मूल रिपोर्ट यहां पढ़ें।
शेखर सुमन के लिए यह दौर करियर के सबसे शानदार दौरों में से एक था। वह डीडी मेट्रो के ‘देख भाई देख’ से घर-घर में पहचाने जाते थे, और ‘अंदाज’ व ‘मूवर्स एंड शेखर’ जैसे कार्यक्रम भी उनकी लोकप्रियता बढ़ा रहे थे। लेकिन सोमवार की रात आने वाले ‘Reporter’ ने उनकी लोकप्रियता को नया आयाम दिया — रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह शो उस समय की टीआरपी की दौड़ में भी काफी आगे रहा, क्योंकि हर एपिसोड का सस्पेंस दर्शकों को अगले एपिसोड का इंतजार करने पर मजबूर कर देता था।
32 साल बाद भी ‘Reporter’ दूरदर्शन के उन यादगार कार्यक्रमों में गिना जाता है, जिन्होंने टीवी देखने का तरीका बदल दिया था। आज जब टीवी और ओटीटी पर दर्जनों क्राइम और इन्वेस्टिगेशन शो आ रहे हैं, तब भी इस शो की याद ताजा हो जाती है — सरल कहानी, मजबूत अभिनय और सस्पेंस भरे प्लॉट ने इसे उस दौर का आइकॉनिक शो बना दिया था।
‘Reporter’: एक नजर में
| विषय | जानकारी |
|---|---|
| शो | ‘Reporter’ (इन्वेस्टिगेटिव ड्रामा) |
| चैनल | दूरदर्शन (DD National) |
| प्रसारण का साल | 1994 |
| प्रसारण का दिन | हर सोमवार की रात |
| मुख्य कलाकार | शेखर सुमन (निडर पत्रकार की भूमिका में) |
| सह-कलाकार | राज किरण, नताशा सिन्हा |
| निर्देशक | विनोद पांडे |
| फॉर्मेट | हर एपिसोड में नया केस, न्यूजरूम की दुनिया और पत्रकारों की दिनचर्या |
| खास बात | कुछ एपिसोड उस दौर की सच्ची घटनाओं से प्रेरित — जैसे 1992 का हर्षद मेहता शेयर घोटाला |
टाइमलाइन
- अप्रैल 1992: पत्रकार सचेत दालाल की रिपोर्टिंग से हर्षद मेहता शेयर घोटाला सामने आया — बाद में ‘Reporter’ के कुछ एपिसोड इन्हीं घटनाओं से प्रेरित हुए।
- 1993: दूरदर्शन पर ‘ब्योमकेश बक्शी’ शुरू — निर्देशक बासु चटर्जी, रजित कपूर ने निभाया ब्योमकेश का किरदार।
- 1994: ‘Reporter’ दूरदर्शन पर — हर सोमवार की रात; शेखर सुमन निडर पत्रकार की भूमिका में, निर्देशन विनोद पांडे।
- 1994 का दौर: शेखर सुमन डीडी मेट्रो के ‘देख भाई देख’ से घर-घर में पहचाने जाते थे; ‘Reporter’ ने उनकी लोकप्रियता को नया आयाम दिया।
- 1997: ‘ब्योमकेश बक्शी’ 39 एपिसोड के साथ समाप्त — IMDb पर इसे 9.2 की रेटिंग मिली।
- 30 सितंबर 2026: 32 साल बाद भी ‘Reporter’ दूरदर्शन के सबसे यादगार सस्पेंस शो में गिना जाता है।
इसका मतलब क्या है?
नब्बे के दशक में भारत में टेलीविजन का मतलब लगभग एक ही चैनल था — दूरदर्शन। प्राइम टाइम पर पारिवारिक और सामाजिक धारावाहिकों का बोलबाला था, ऐसे में ‘Reporter’ जैसा इन्वेस्टिगेटिव ड्रामा अपने आप में एक प्रयोग था। इसने साबित किया कि पत्रकारिता की दुनिया, न्यूजरूम की हलचल और हर एपिसोड में एक नया रहस्य भी घर-घर की पसंद बन सकता है। आज जब ‘क्राइम पेट्रोल’ और ‘सावधान इंडिया’ जैसे शो क्राइम जॉनर के पर्याय बन चुके हैं, तब ‘Reporter’ की कहानी याद दिलाती है कि सस्पेंस का यह खेल दूरदर्शन ने दशकों पहले शुरू कर दिया था — सिर्फ मजबूत कहानी और दमदार अभिनय के बल पर। शो पर विस्तृत रिपोर्ट यहां पढ़ें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
‘Reporter’ कब और कहां प्रसारित होता था?
यह शो 1994 में दूरदर्शन पर प्रसारित होता था — हर सोमवार की रात।
शो में शेखर सुमन का किरदार क्या था?
शेखर सुमन ने एक निडर और साहसी पत्रकार का किरदार निभाया था, जो जटिल मामलों की तह तक जाकर सच्चाई सामने लाता था।
क्या ‘Reporter’ के एपिसोड सच्ची घटनाओं पर आधारित थे?
शो काल्पनिक था, लेकिन स्रोतों के मुताबिक इसके कुछ एपिसोड उस दौर की बड़ी घटनाओं से प्रेरित थे — जिनमें 1992 का हर्षद मेहता शेयर घोटाला भी शामिल था।
शो के निर्देशक और सह-कलाकार कौन थे?
निर्देशन विनोद पांडे का था; शेखर सुमन के साथ राज किरण और नताशा सिन्हा भी शो में नजर आए थे।
