केरल से एक बड़ी खबर सामने आई है। ओचिरा स्थित हबीबिया इस्लामिक एकेडमी के निदेशक और सोशल मीडिया व्लॉगर मुहम्मद नियास जुहारी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उन पर 16 साल की एक नाबालिग लड़की से यौन शोषण का आरोप है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ POCSO एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। गिरफ्तारी के बाद से यह मामला पूरे केरल में चर्चा का विषय बन गया है।
समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, लड़की के परिवार की शिकायत पर ओचिरा पुलिस ने मामला दर्ज किया था। आरोप है कि नियास ने लड़की के परिवार का भरोसा जीतने के लिए प्रार्थना और शुद्धिकरण अनुष्ठान का सहारा लिया। परिवार का मानना था कि प्रार्थना से लड़की की स्वास्थ्य समस्याएं दूर हो सकती हैं। पुलिस का कहना है कि इसी बहाने आरोपी ने लड़की को कई बार अलग-अलग जगहों पर बुलाया और उसका यौन शोषण किया। कथित घटनाएं अक्टूबर-नवंबर 2025 के बीच और 2025-2026 के दौरान हुईं।
पुलिस ने आरोपी को शनिवार रात करुनागप्पल्ली से हिरासत में लिया था। पूछताछ के बाद रविवार को उसकी गिरफ्तारी औपचारिक रूप से दर्ज की गई और उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और आरोपी के डिजिटल उपकरणों की भी जांच की जाएगी। पुलिस को आशंका है कि आरोपी ने और भी नाबालिग लड़कियों को इसी तरह निशाना बनाया हो सकता है।
मुहम्मद नियास जुहारी कौन हैं?
मुहम्मद नियास जुहारी 34 साल के हैं और केरल के अलप्पुझा जिले के देविकुलंगारा के रहने वाले हैं। वह ओचिरा में हबीबिया इस्लामिक एकेडमी के निदेशक हैं और सोशल मीडिया पर एक धार्मिक वक्ता और व्लॉगर के रूप में जाने जाते हैं। उनके YouTube चैनल पर दो लाख से ज्यादा सब्सक्राइबर हैं, जबकि अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उनके लाखों फॉलोअर बताए जाते हैं। वह धार्मिक विषयों पर वीडियो बनाते थे।
नाजरिया नाजिम से क्या है कनेक्शन?
मुहम्मद नियास का नाम इससे पहले भी चर्चा में आ चुका है। कुछ समय पहले उन्होंने मलयालम एक्ट्रेस नाजरिया नाजिम के कपड़ों और धार्मिक आचरण को लेकर टिप्पणी की थी। इस टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर काफी बहस हुई थी। अब उनकी गिरफ्तारी की खबर सामने आने के बाद यह पुराना विवाद फिर से सुर्खियों में आ गया है। हालांकि यह साफ है कि गिरफ्तारी का मामला नाजरिया से जुड़ी टिप्पणी से अलग है — पुलिस ने उन्हें POCSO एक्ट के तहत दर्ज यौन शोषण के मामले में गिरफ्तार किया है। हिंदी फिल्मीबीट की रिपोर्ट के अनुसार, आरोपों को अभी अदालत में साबित होना बाकी है और कानूनी कार्रवाई जारी है।
नाजरिया नाजिम मलयालम और तमिल फिल्मों की जानी-मानी एक्ट्रेस हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत टीवी होस्ट के रूप में की थी और बाद में फिल्मों में कदम रखा। वह ‘बैंगलोर डेज’, ‘ओम शांति ओशाना’, ‘नेरम’ और ‘राजा रानी’ जैसी फिल्मों में नजर आ चुकी हैं। साल 2014 में उन्होंने अभिनेता फहद फासिल से शादी की थी। शादी के बाद उन्होंने कुछ समय फिल्मों से दूरी बनाई, लेकिन बाद में वापसी की।
टाइमलाइन
- अक्टूबर-नवंबर 2025: पुलिस के अनुसार कथित घटनाओं का दौर; आरोपी ने प्रार्थना के बहाने लड़की को बुलाना शुरू किया।
- 2025-2026: पुलिस के अनुसार इस दौरान लड़की का कई बार यौन शोषण हुआ।
- 31 अक्टूबर 2026 (शनिवार रात): पुलिस ने आरोपी को करुनागप्पल्ली से हिरासत में लिया।
- 1 नवंबर 2026 (रविवार): पूछताछ के बाद गिरफ्तारी दर्ज, आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजा गया।
- 2-3 नवंबर 2026: गिरफ्तारी की खबर सामने आई; पुलिस ने और पीड़िताओं की आशंका जताई और डिजिटल उपकरणों की जांच की बात कही।
- 5 नवंबर 2026: हिंदी फिल्मीबीट की रिपोर्ट के बाद नाजरिया से जुड़ा पुराना विवाद भी फिर चर्चा में आ गया।
इसका मतलब क्या है?
यह मामला इसलिए अहम है क्योंकि आरोपी कोई आम व्यक्ति नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर लाखों लोगों तक पहुंच रखने वाला एक धार्मिक वक्ता है। पुलिस का कहना है कि आरोपी ने भरोसे और प्रार्थना का सहारा लेकर परिवार को अपने जाल में फंसाया। POCSO एक्ट बच्चों को यौन अपराधों से बचाने के लिए बनाया गया एक सख्त कानून है, जिसके तहत ऐसे मामलों में तुरंत केस दर्ज होता है और जांच तेजी से आगे बढ़ती है। गिरफ्तारी का मतलब दोष साबित होना नहीं है — आरोपों पर अदालत का फैसला आना अभी बाकी है। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि क्या और भी बच्चे इस मामले से जुड़े हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
मुहम्मद नियास जुहारी कौन है?
वह 34 साल के व्लॉगर और केरल के ओचिरा स्थित हबीबिया इस्लामिक एकेडमी के निदेशक हैं।
उन्हें किस मामले में गिरफ्तार किया गया है?
उन पर 16 साल की लड़की से यौन शोषण का आरोप है। पुलिस ने POCSO एक्ट और BNS की धाराओं के तहत केस दर्ज किया है।
नाजरिया नाजिम का इस मामले से क्या लेना-देना है?
नियास ने कुछ समय पहले नाजरिया के कपड़ों और धार्मिक आचरण पर टिप्पणी की थी। गिरफ्तारी का मामला इससे अलग है — यह POCSO केस है।
क्या आरोप साबित हो चुके हैं?
नहीं, आरोपों को अदालत में साबित होना अभी बाकी है। आरोपी न्यायिक हिरासत में है और पुलिस जांच कर रही है।

