Tue, Oct 20, 2026 🔍 ▶️
बॉलीवुड

दिलीप कुमार की वो आखिरी ख्वाहिश जो रह गई अधूरी, पाकिस्तान सरकार ने भी दे दी थी मंजूरी

बॉलीवुड के ट्रेजडी किंग दिलीप कुमार (Dilip Kumar) ने बुधवार सुबह को अंतिम सांस ली। वो 98 साल के थे।

उन्होंने अपनी लाइफ में एक से बढ़कर एक फिल्मों में काम किया। लेकिन बावजूद इसके उनकी एक ख्वाहिश अधूरी रह गई। दरअसल, पाकिस्तान के पेशावर में जन्मे दिलीप कुमार की पुश्तैनी हवेली आज भी वहां के रिहायशी इलाके किस्सा ख्वानी बाजार में स्थित है। दिलीप कुमार चाहते थे कि इस हवेली को म्यूजियम में बदल दिया जाए ताकि उनके पुरखों की यादों को संजोया जा सके। पाकिस्तान सरकार ने दिलीप कुमार की पैतृक हवेली को म्यूजियम में बदलने की इजाजत भी दे दी थी, लेकिन उससे पहले ही दिलीप साहब का इंतकाल हो गया।

बता दें कि पाकिस्तान सरकार ने 2018 में दिलीप कुमार की पुश्तैनी हवेली को राष्ट्रीय धरोहर घोषित किया था। उनकी पुश्तैनी हवेली को औपचारिक संरक्षण देने की प्रक्रिया चल ही रही थी लेकिन उससे पहले ही दिलीप साहब दुनिया को अलविदा कह गए।   
बता दें कि पाकिस्तान सरकार ने 2018 में दिलीप कुमार की पुश्तैनी हवेली को राष्ट्रीय धरोहर घोषित किया था। उनकी पुश्तैनी हवेली को औपचारिक संरक्षण देने की प्रक्रिया चल ही रही थी लेकिन उससे पहले ही दिलीप साहब दुनिया को अलविदा कह गए।

बता दें कि खैबर पख्तूनख्वा प्रांत की सरकार ने दिलीप कुमार के पुश्तैनी घर को 80 लाख रुपए में खरीदकर उसे म्यूजियम में बदलने का प्लान बनाया था। पाकिस्तान सरकार चाहती थी कि इसके माध्यम से दुनिया को दिखाया जा सके कि बॉलीवुड के लिए पेशावर ने क्या किया है।

दिलीप कुमार की हवेली के बगल में ही राज कपूर की पुश्तैनी हवेली भी है। दिलीप कुमार की हवेली के मालिक गुल रहमान मोहम्मद ने कहा था कि सरकार को इसे मार्केट रेट यानी करीब 3.50 करोड़ रुपए में खरीदना चाहिए। वहीं राज कपूर की हवेली के मालिक अली कादिर ने हवेली के लिए 20 करोड़ की मांग की थी।    
खैबर पख्तूनख्वाह प्रांत की सरकार ने दिलीप साहब की पुश्तैनी हवेली को म्यूजियम बनाने की पहल की थी। इसके मौजूदा मालिकों को इस काम के लिए 18 मई तक का वक्त दिया था। बता दें कि 1947 में भारत-पाकिस्तान के बंटवारे से पहले दिलीप कुमार का ज्यादातर वक्त इसी हवेली में गुजरा है।

दिलीप कुमार की हवेली के बगल में ही राज कपूर की पुश्तैनी हवेली भी है। दिलीप कुमार की हवेली के मालिक गुल रहमान मोहम्मद ने कहा था कि सरकार को इसे मार्केट रेट यानी करीब 3.50 करोड़ रुपए में खरीदना चाहिए। वहीं राज कपूर की हवेली के मालिक अली कादिर ने हवेली के लिए 20 करोड़ की मांग की थी।

दिलीप कुमार की पुश्तैनी हवेली और कपूर हवेली आस-पास ही हैं। ये दोनों इमारतें करीब 100 साल पुरानी हैं। इन हवेलियों के मालिकों ने कई बार इन्हें गिराकर यहां कमर्शियल कॉम्प्लेक्स बनाने की कोशिश की, लेकिन सरकार ने इसकी मंजूरी नहीं दी
दिलीप कुमार की पुश्तैनी हवेली और कपूर हवेली आस-पास ही हैं। ये दोनों इमारतें करीब 100 साल पुरानी हैं। इन हवेलियों के मालिकों ने कई बार इन्हें गिराकर यहां कमर्शियल कॉम्प्लेक्स बनाने की कोशिश की, लेकिन सरकार ने इसकी मंजूरी नहीं दी

बता दें, पाकिस्तान के जिस मोहल्ले में दिलीप कुमार और राज कपूर का पैतृक घर है, उसी मोहल्ले से शाहरुख खान का गहरा नाता है। शाहवाली कताल में शाहरुख खान के पिता ताज मुहम्मद खान का जन्म हुआ था।

शाहरुख खान के पिता ताज मुहम्मद खान पेशे से वकील और एक्टिविस्ट थे। 1947 के विभाजन के बाद से शाहरुख के पिता अपने पूरे परिवार को लेकर भारत चले आए थे।
शाहरुख खान के पिता ताज मुहम्मद खान पेशे से वकील और एक्टिविस्ट थे। 1947 के विभाजन के बाद से शाहरुख के पिता अपने पूरे परिवार को लेकर भारत चले आए थे।

Source-asianetnews

NewsZebra
NewsZebra
Editor

NewsZebra is a digital entertainment news platform delivering the latest Bollywood and entertainment news with a commitment to accuracy, fairness, and reader trust.