बॉलीवुड के वरिष्ठ अभिनेता अनुपम खेर की निजी जिंदगी से जुड़ा एक अनसुना खुलासा सामने आया है। उनके छोटे भाई और अभिनेता राजू खेर ने हाल ही में एक इंटरव्यू में बताया कि अनुपम खेर की पहली शादी सिर्फ एक दिन चली थी। यह बात खुद अनुपम खेर ने शायद ही कभी सार्वजनिक रूप से कही हो, इसलिए राजू खेर के इस बयान ने फिल्म जगत और प्रशंसकों दोनों का ध्यान खींचा है।
राजू खेर के मुताबिक, अनुपम खेर और मधुमालती कपूर की सगाई करीब दो से तीन साल तक चली थी। मंदिर में शादी की रस्में पूरी हुईं, लेकिन इसके तुरंत बाद अनुपम घर छोड़कर चले गए और यह शादी एक ही दिन में टूट गई। राजू खेर ने यह भी बताया कि उस दौर में अनुपम खेर काफी सीधे-सादे स्वभाव के थे, और इतने लंबे समय तक चली सगाई के बाद शादी का इस तरह टूट जाना परिवार के लिए भी हैरान करने वाला था।
इस कहानी का दूसरा अध्याय मधुमालती कपूर से जुड़ा है। अनुपम खेर से अलग होने के बाद मधुमालती कपूर ने लेखक-निर्देशक रंजीत कपूर से विवाह कर लिया। वहीं, अनुपम खेर की जिंदगी में 1985 में एक नया मोड़ आया, जब उन्होंने थिएटर के दिनों की साथी अभिनेत्री किरॉन खेर से शादी की — यह रिश्ता आज चार दशक बाद भी कायम है।
अनुपम खेर का जन्म 7 मार्च 1955 को शिमला में हुआ था। उन्होंने 1978 में नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा से स्नातक किया और 1982 में फिल्म ‘आगमन’ से बड़े पर्दे पर डेब्यू किया। 1984 में आई महेश भट्ट की फिल्म ‘सारांश’ उनके करियर का टर्निंग पॉइंट बनी, जिसमें उन्होंने महज 28 साल की उम्र में 65 साल के बुजुर्ग बी.वी. प्रधान का किरदार निभाया और फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार जीता। इसके बाद उन्होंने 500 से अधिक फिल्मों में काम किया और भारत सरकार ने उन्हें 2004 में पद्म श्री और 2016 में पद्म भूषण से सम्मानित किया।
टाइमलाइन: अनुपम खेर की जिंदगी के अहम मोड़
- 1955: 7 मार्च को शिमला में जन्म।
- 1978: नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (NSD) से स्नातक।
- 1970 के दशक के अंत में: मधुमालती कपूर से सगाई, जो करीब दो से तीन साल चली; मंदिर में हुई शादी एक ही दिन में टूट गई।
- 1982: फिल्म ‘आगमन’ से बॉलीवुड डेब्यू।
- 1984: ‘सारांश’ में 28 साल की उम्र में 65 साल के बुजुर्ग का किरदार; फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता पुरस्कार।
- 1985: अभिनेत्री किरॉन खेर से विवाह — थिएटर के दिनों से शुरू हुआ यह रिश्ता आज तक कायम है।
अनुपम खेर की चर्चित फिल्में
| फिल्म | साल | यादगार किरदार |
|---|---|---|
| सारांश | 1984 | बी.वी. प्रधान |
| राम लखन | 1989 | देवधर शुक्ला |
| लम्हे | 1991 | प्रेम आनंद |
| दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे | 1995 | चौधरी बलदेव सिंह |
| कुछ कुछ होता है | 1998 | प्रिंसिपल मल्होत्रा |
| द कश्मीर फाइल्स | 2022 | पुष्कर नाथ पंडित |
इसका मतलब क्या है?
राजू खेर का यह खुलासा अनुपम खेर के शुरुआती जीवन की उस परत को खोलता है, जिसके बारे में अभिनेता खुद शायद ही कभी बात करते हैं। 1985 में किरॉन खेर से शादी के बाद से उनकी निजी जिंदगी स्थिर रही है, इसलिए पहली शादी का एक दिन में टूटना उस दौर की याद दिलाता है जब वह NSD के बाद थिएटर और फिल्मों में अपनी जगह बनाने की कोशिश कर रहे थे। यह कहानी यह भी दिखाती है कि कामयाबी से पहले का जीवन अक्सर उतना सीधा नहीं होता, जितना बाद में दिखता है। मधुमालती कपूर का आगे चलकर रंजीत कपूर से विवाह करना इस कहानी का एक अहम अध्याय है, जिसे अब तक कम ही लोग जानते थे।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न: अनुपम खेर की पहली पत्नी कौन थीं?
उत्तर: मधुमालती कपूर। राजू खेर के अनुसार, अनुपम खेर और मधुमालती की सगाई करीब दो से तीन साल तक चली थी।
प्रश्न: अनुपम खेर की पहली शादी सिर्फ एक दिन क्यों चली?
उत्तर: राजू खेर ने बताया कि मंदिर में शादी की रस्में पूरी होने के तुरंत बाद अनुपम घर छोड़कर चले गए थे। अलग होने के ठोस कारण का जिक्र इंटरव्यू में नहीं हुआ है।
प्रश्न: मधुमालती कपूर ने बाद में किससे शादी की?
उत्तर: मधुमालती कपूर ने बाद में लेखक-निर्देशक रंजीत कपूर से विवाह कर लिया।
प्रश्न: अनुपम खेर और किरॉन खेर की शादी कब हुई थी?
उत्तर: 1985 में। दोनों थिएटर के दिनों से एक-दूसरे को जानते थे और यह विवाह आज भी कायम है।

