कृष्णा मुखर्जी निधन — रानी मुखर्जी की मां को श्रद्धांजलि
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प्लेबैक सिंगर से रानी की सबसे बड़ी ताकत तक: जानिए कौन थीं कृष्णा मुखर्जी

मुंबई। कृष्णा मुखर्जी निधन की खबर ने मंगलवार को बॉलीवुड को गमगीन कर दिया। अभिनेत्री रानी मुखर्जी की मां कृष्णा मुखर्जी का मंगलवार दोपहर 75 साल की उम्र में निधन हो गया। यश राज फिल्म्स (YRF) ने परिवार की ओर से जारी बयान में इस खबर की पुष्टि की है।

बयान में कहा गया, “भारी मन से हम साझा कर रहे हैं कि रानी मुखर्जी की मां श्रीमती कृष्णा मुखर्जी (75) का आज दोपहर निधन हो गया। परिवार आपके प्यार, प्रार्थनाओं और साथ के लिए हृदय से आभारी है और दुख की इस घड़ी में निजता का सम्मान करने का अनुरोध करता है।”

कृष्णा मुखर्जी निधन के कारणों का आधिकारिक तौर पर खुलासा नहीं किया गया है। कुछ रिपोर्टों में उनके पिछले कुछ समय से बीमार होने की बात कही गई है, लेकिन परिवार की ओर से इसकी पुष्टि नहीं हुई है। परिवार ने दुख की इस घड़ी में निजता बनाए रखने की अपील की है।

कौन थीं कृष्णा मुखर्जी

कृष्णा मुखर्जी सिर्फ एक स्टार की मां नहीं थीं, बल्कि अपने आप में फिल्म इंडस्ट्री का जाना-पहचाना नाम थीं। उन्होंने हिंदी और बंगाली सिनेमा में प्लेबैक सिंगर के तौर पर काम किया था। 1982 में आई फिल्म ‘तीसरी आंख’ के गाने से उन्हें खास पहचान मिली। बंगाली फिल्मों ‘मोमेर आलो’, ‘हैवान’ और ‘तोमार रक्तो अमार सुहाग’ से भी उनका नाम जुड़ा रहा।

उनकी शादी फिल्म निर्देशक राम मुखर्जी से हुई थी, जो फिल्मालय स्टूडियोज के सह-संस्थापकों में से एक थे। राम मुखर्जी का निधन 2017 में हुआ था। दंपति के दो बच्चे हैं — अभिनेत्री रानी मुखर्जी और फिल्म निर्माता-निर्देशक राजा मुखर्जी।

बेटी के करियर की नींव में मां का हाथ

रानी मुखर्जी कई मौकों पर कह चुकी हैं कि अभिनेत्री बनना उनका अपना सपना नहीं था — यह सपना उनकी मां ने उनके लिए देखा था। एक इंटरव्यू में रानी ने कहा था, “मुझे लगता है कि मेरी मां ने मेरा सपना मुझसे पहले ही देख लिया था।”

दिलचस्प बात यह है कि शुरुआत में कृष्णा जी को खुद इस बात पर संदेह था कि रानी अभिनय के लिए तैयार हैं या नहीं। उन्होंने निर्माता सलीम अख्तर को ‘राजा की आएगी बारात’ (1996) में रानी को न लेने की सलाह तक दी थी। लेकिन निर्माता ने रानी पर भरोसा जताया और यही फिल्म उनकी पहली हिंदी फिल्म बनी।

रानी की फिल्म ‘मिसेज चटर्जी वर्सेज नॉर्वे’ में निभाए गए किरदार के पीछे भी मां की ही प्रेरणा थी। सिनेमा एक्सप्रेस से बातचीत में रानी ने कहा था कि देबिका का किरदार पढ़ते ही उन्हें अपनी मां का ख्याल आया था, क्योंकि उनकी मां भी एक सच्ची बंगाली मां की तरह ही हैं।

कृष्णा मुखर्जी निधन पर फिल्म इंडस्ट्री में शोक

खबर आते ही फिल्म जगत से शोक संदेशों का तांता लग गया। रिपोर्ट्स के अनुसार अभिनेत्री काजोल ने सोशल मीडिया पर भावुक संदेश लिखा। बता दें कि कृष्णा मुखर्जी काजोल की मौसी थीं — रानी और काजोल असल जिंदगी में कजिन हैं। जुहू स्थित आवास पर परिवार के करीबी और फिल्म जगत के कई लोग श्रद्धांजलि देने पहुंचे।

रानी मुखर्जी ने ‘गुलाम’, ‘कुछ कुछ होता है’, ‘साथिया’, ‘हम तुम’ और ‘ब्लैक’ जैसी फिल्मों से हिंदी सिनेमा में अपनी खास पहचान बनाई है। वह हाल ही में 62वें महाराष्ट्र राज्य फिल्म पुरस्कारों में राज कपूर विशेष योगदान सम्मान से नवाजी गई थीं। यह सम्मान उन्हें महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने प्रदान किया था। उनकी हालिया रिलीज ‘मर्दानी 3’ इस साल सिनेमाघरों में आई थी।

कृष्णा मुखर्जी निधन की यह खबर फिल्म जगत के लिए बेहद दुखद है। एक प्लेबैक सिंगर के तौर पर अपने काम और एक मां के तौर पर अपने समर्पण से उन्होंने जो जगह बनाई, वह हमेशा याद रखी जाएगी। बॉलीवुड की ताज़ा खबरों के लिए न्यूज़ ज़ेबरा का बॉलीवुड सेक्शन देखें।