ममता कुलकर्णी का बदला अंदाज देखकर हैरान हुए फैंस, जयपुर में 'कोई जाए तो ले आए' पर जमकर थिरकीं 90s की स्टार, वीडियो वायरल
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ममता कुलकर्णी का बदला अंदाज देखकर हैरान हुए फैंस, जयपुर में ‘कोई जाए तो ले आए’ पर जमकर थिरकीं 90s की स्टार, वीडियो वायरल

ममता कुलकर्णी एक बार फिर सुर्खियों में हैं। 90 के दशक की मशहूर अभिनेत्री ने जयपुर में आयोजित 14वें राजस्थान फिल्म फेस्टिवल के मंच पर अपने पुराने हिट गानों पर डांस किया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस कार्यक्रम में उन्हें लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से भी सम्मानित किया गया। वीडियो सामने आने के बाद उनके बदले हुए अंदाज को लेकर इंटरनेट पर खूब चर्चा हो रही है।

रिपोर्टों के मुताबिक, 25 सितंबर को जयपुर में आयोजित इस कार्यक्रम में ममता कुलकर्णी बतौर खास मेहमान शामिल हुई थीं। जब उनके फिल्मी करियर के मशहूर गाने बजे, तो वह खुद को रोक नहीं पाईं और छात्रों के साथ स्टेज पर थिरकने लगीं। इस दौरान वह ग्लैमरस आउटफिट, एक पर्पल जंपसूट में नजर आईं, जो उनके उस रूप से बिल्कुल अलग था जिसमें वह जनवरी 2025 में संन्यास लेने के बाद अक्सर भगवा वस्त्रों या साड़ी में नजर आती रही हैं।

जयपुर में स्टेज पर उतरीं ममता कुलकर्णी

वीडियो में ममता कुलकर्णी को उनके 90 के दशक के तीन सुपरहिट गानों पर डांस करते देखा जा सकता है, ममता कुलकर्णी के करियर के ये गाने आज भी लोकप्रिय हैं। ‘घातक’ का ‘कोई जाए तो ले आए’, ‘करण अर्जुन’ का ‘एक मुंडा मेरी उम्र का’ और ‘सबसे बड़ा खिलाड़ी’ का ‘लंबा-लंबा घूंघट’ बजते ही पूरा माहौल नॉस्टैल्जिक हो गया। ‘कोई जाए तो ले आए’ गाने को अलका याज्ञनिक और शंकर महादेवन ने गाया था और यह 1996 में आई फिल्म घातक में ममता पर फिल्माया गया था।

उनके इस डांस पर सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आईं। कई यूजर्स ने पूछा कि साध्वी बनने के बाद वह इस तरह कैसे नजर आ सकती हैं, जबकि कई अन्य ने उनके एनर्जी और लुक की तारीफ की और उन्हें 90 के दशक की वही स्टार बताया। कुछ ने मजाकिया अंदाज में टिप्पणी की तो कुछ ने पुराने गानों पर थिरकती ममता को देखकर अपनी पुरानी यादें ताजा होने की बात कही।

टाइमलाइन

  • 1995: फिल्म ‘करण अर्जुन’ रिलीज, यह फिल्म ममता कुलकर्णी के करियर का बड़ा मोड़ साबित हुई और उन्हें देशभर में पहचान मिली।
  • 1995: ‘सबसे बड़ा खिलाड़ी’ रिलीज, ‘लंबा-लंबा घूंघट’ गाना सुपरहिट रहा।
  • 1996: ‘घातक’ रिलीज, ‘कोई जाए तो ले आए’ गाना ममता पर फिल्माया गया, जिसे अलका याज्ञनिक और शंकर महादेवन ने गाया।
  • 24 जनवरी 2025: प्रयागराज में महाकुंभ के दौरान ममता ने संन्यास लिया, संगम में पिंडदान की रस्म निभाई और उन्हें आध्यात्मिक नाम ‘श्री यमाई ममता नंद गिरी’ दिया गया। किन्नर अखाड़े ने उन्हें महामंडलेश्वर बनाया, लेकिन इस फैसले पर विवाद हुआ और बाद में उन्होंने यह पद छोड़ दिया।
  • 25 सितंबर 2026: जयपुर में 14वां राजस्थान फिल्म फेस्टिवल, ममता को लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड मिला और उन्होंने स्टेज पर अपने 90 के दशक के गानों पर डांस किया।
  • 27-28 सितंबर 2026: डांस का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल, उनके अंदाज को लेकर व्यापक चर्चा।

ममता कुलकर्णी का फिल्मी सफर और संन्यास

ममता कुलकर्णी 90 के दशक की लोकप्रिय अभिनेत्रियों में गिनी जाती थीं। ‘करण अर्जुन’, ‘सबसे बड़ा खिलाड़ी’ और ‘घातक’ जैसी फिल्मों के अलावा उन्होंने ‘आशिक आवारा’ जैसी फिल्मों में भी काम किया। फिल्म इंडस्ट्री से दूर होने के बाद वह लंबे समय तक देश से बाहर रहीं और फिर पिछले साल भारत लौट आईं।

जनवरी 2025 में महाकुंभ के दौरान उन्होंने संन्यास की घोषणा की थी। एक बातचीत में उन्होंने कहा था कि जिंदगी में एक समय ऐसा आया जब उन्हें लगा कि उन्हें कुछ और तलाशना है, और भीतर से एक आवाज उन्हें आध्यात्मिक जीवन की ओर बुला रही थी। उन्होंने यह भी कहा था कि उनके लिए वैराग्य का मतलब सिर्फ खास कपड़े पहनना या बाहरी चीजें छोड़ना नहीं है, बल्कि आध्यात्मिकता एक आंतरिक अवस्था है।

अपने करियर के गानों को लेकर उन्होंने एक इंटरव्यू में बताया था कि डांसर के तौर पर उनका ध्यान गानों के बोल पर नहीं, बल्कि डांस स्टेप्स पर होता था। उन्होंने यह भी बताया था कि ‘घातक’ के लिए निर्देशक राजकुमार संतोषी ने खुद उनसे यह गाना करने का अनुरोध किया था। जयपुर कार्यक्रम की मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, यह वही गाना था जिस पर उन्होंने राजस्थान फिल्म फेस्टिवल के मंच पर डांस किया।

90 के दशक के वे गाने जिन पर थिरकीं ममता

गानाफिल्मसाल
कोई जाए तो ले आएघातक1996
एक मुंडा मेरी उम्र काकरण अर्जुन1995
लंबा-लंबा घूंघटसबसे बड़ा खिलाड़ी1995

इसका मतलब क्या है?

राजस्थान फिल्म फेस्टिवल जैसे मंच पर लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड मिलना किसी भी कलाकार के करियर की बड़ी मान्यता होती है, और ममता कुलकर्णी के मामले में यह और भी अहम है क्योंकि उन्होंने करीब तीन दशक पहले फिल्मी पर्दे से दूरी बना ली थी। जनवरी 2025 में संन्यास लेने के बाद उनका सार्वजनिक रूप ज्यादातर आध्यात्मिक आयोजनों तक सीमित रहा, इसलिए जयपुर में उनका ग्लैमरस अवतार और स्टेज डांस लोगों के लिए अप्रत्याशित रहा। इसी विरोधाभास, पुरानी साध्वी-छवि बनाम फिल्मी अंदाज ने इस वीडियो को चर्चा का विषय बना दिया है। फिलहाल उन्होंने फिल्मों में वापसी की कोई घोषणा नहीं की है।

FAQ

ममता कुलकर्णी ने संन्यास कब लिया था?
24 जनवरी 2025 को प्रयागराज में महाकुंभ के दौरान उन्होंने संन्यास लिया था और संगम में पिंडदान की रस्म निभाई थी।

उनका आध्यात्मिक नाम क्या है?
संन्यास के बाद उन्हें ‘श्री यमाई ममता नंद गिरी’ नाम दिया गया था। किन्नर अखाड़े ने उन्हें महामंडलेश्वर भी बनाया था, लेकिन विवाद के बाद उन्होंने यह पद छोड़ दिया।

जयपुर में कौन-सा कार्यक्रम था?
25 सितंबर 2026 को जयपुर में 14वां राजस्थान फिल्म फेस्टिवल आयोजित हुआ था, जहां ममता कुलकर्णी को लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।

उन्होंने किन गानों पर डांस किया?
‘घातक’ के ‘कोई जाए तो ले आए’, ‘करण अर्जुन’ के ‘एक मुंडा मेरी उम्र का’ और ‘सबसे बड़ा खिलाड़ी’ के ‘लंबा-लंबा घूंघट’ पर उन्होंने स्टेज पर डांस किया।

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