पाकिस्तान के लाहौर में हुए LAAM फैशन वीक 2026 का फिनाले अब विवादों में घिर गया है। शो के फिनाले के दौरान धार्मिक नात-कलाम पर मॉडल्स की रैंप वॉक और डांस का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। पाकिस्तानी एक्ट्रेस मिशी खान ने इस वीडियो को शेयर करते हुए सवाल उठाए हैं कि धार्मिक कलाम का इस्तेमाल फैशन शो में करना सही है या नहीं।
हिंदी फिल्मीबीट की रिपोर्ट के अनुसार, फिनाले में मशहूर डिजाइनर निलोफर शाहिद की शोपस्टॉपर के तौर पर इफ्फत उमर रैंप पर उतरी थीं। वे सुनहरी साड़ी में थीं और उनके रैंप पर चलते समय धार्मिक कलाम ‘आका’ बज रहा था, जिसे आबिदा परवीन और अली सेठी ने गाया है। वीडियो में इफ्फत उमर उसी धुन पर डांस करती नजर आ रही हैं। यही वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और लोग इस पर अपनी राय रख रहे हैं।
मिशी खान ने क्या कहा
मिशी खान ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर करते हुए कहा कि मनोरंजन और फैशन की अपनी जगह है, लेकिन धर्म से जुड़ी चीजों का सम्मान करना भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि धार्मिक नात का इस्तेमाल फैशन शो में करना सही नहीं है और हर तरह के संगीत को मनोरंजन के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।
मिशी खान ने इस दौरान इफ्फत उमर का भी जिक्र किया, जो वीडियो में डांस करती नजर आ रही हैं। उन्होंने मस्जिद में मॉडलिंग किए जाने को लेकर भी नाराज़गी जताई और कहा कि धार्मिक जगहों और कुरान की आयतों का इस्तेमाल करते समय मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए। मिशी खान ने लोगों को याद दिलाया कि हर इंसान को अपने कर्मों का जवाब देना है।
सोशल मीडिया पर बहस
मिशी खान के बयान के बाद सोशल मीडिया पर इस मुद्दे पर बहस छिड़ गई है। कई यूजर्स ने मिशी खान की बात का समर्थन किया है और कहा है कि धार्मिक कलाम का इस्तेमाल करते समय संवेदनशीलता बरतनी चाहिए। वहीं, कुछ लोगों का मानना है कि फैशन और कला में धार्मिक संगीत का इस्तेमाल पहले भी होता रहा है।
सोशल डायरी की रिपोर्ट के अनुसार, इस घटना ने धार्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों के साथ कलात्मक अभिव्यक्ति के संतुलन को लेकर बातचीत को फिर से छेड़ दिया है। जैसे-जैसे वीडियो सोशल मीडिया पर फैल रहा है, फैशन आयोजकों और कलाकारों की जिम्मेदारी पर भी सवाल उठ रहे हैं।
LAAM फैशन वीक 2026 के बारे में
LAAM फैशन वीक पाकिस्तान के सबसे बड़े फैशन आयोजनों में से एक है। इसका दूसरा संस्करण 23 से 26 अक्टूबर 2026 तक लाहौर में आयोजित किया गया, जिसमें 43 शो प्रस्तुत किए गए। इस दौरान आयमन खान, सजल अली, सबूर अली, नामिर खान और ज़रा नूर अब्बास समेत कई पाकिस्तानी सितारे रैंप पर नजर आए। दुरेफिशान सलीम भी फैशन ब्रांड MIHHA की शोपस्टॉपर बनी थीं और उन्होंने सैल्मन रंग का लहंगा पहना था।
टाइमलाइन
- 23 अक्टूबर 2026: LAAM फैशन वीक सीज़न 2 लाहौर में शुरू हुआ; चार दिन तक 43 शो प्रस्तुत किए गए।
- 23–25 अक्टूबर 2026: फैशन वीक के दौरान आयमन खान, सजल अली, सबूर अली और ज़रा नूर अब्बास समेत कई सितारे रैंप पर नजर आए।
- 26 अक्टूबर 2026: फिनाले में इफ्फत उमर निलोफर शाहिद की शोपस्टॉपर बनीं; कलाम पर रैंप वॉक और डांस का वीडियो सामने आया।
- 26 अक्टूबर 2026: मिशी खान ने इंस्टाग्राम पर वीडियो शेयर कर आपत्ति जताई और धार्मिक कलाम के सम्मान की बात कही।
- 26 अक्टूबर 2026: वीडियो वायरल हुआ और सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई; खबर सुर्खियों में आ गई।
LAAM फैशन वीक 2026 — एक नज़र में
| बिंदु | जानकारी |
|---|---|
| आयोजन | LAAM फैशन वीक सीज़न 2 |
| तारीख | 23–26 अक्टूबर 2026 |
| शहर | लाहौर, पाकिस्तान |
| शो की संख्या | 43 |
| फिनाले शोपस्टॉपर | इफ्फत उमर (डिजाइनर निलोफर शाहिद) |
| विवाद की वजह | धार्मिक कलाम ‘आका’ पर रैंप वॉक और डांस |
इसका मतलब क्या है?
पाकिस्तान के शोबिज़ में धार्मिक संगीत और कलाम का मनोरंजन में इस्तेमाल पहले भी बहस का विषय रहा है। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि कलात्मक अभिव्यक्ति और धार्मिक संवेदनशीलता के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए। फैशन आयोजकों के लिए यह मामला इसलिए भी अहम है क्योंकि LAAM जैसे बड़े मंच पर हुई हर प्रस्तुति तुरंत सोशल मीडिया पर पहुंच जाती है और उस पर सार्वजनिक राय बनने लगती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
मिशी खान ने किस बात पर आपत्ति जताई?
उनका कहना है कि धार्मिक नात-कलाम का इस्तेमाल फैशन शो में करना सही नहीं है। मनोरंजन और फैशन की अपनी जगह है, लेकिन धर्म से जुड़ी चीजों का सम्मान करना भी जरूरी है।
इफ्फत उमर कौन हैं और वीडियो में क्या दिख रहा है?
इफ्फत उमर पाकिस्तान की जानी-मानी एक्ट्रेस और होस्ट हैं। वीडियो में वे LAAM फैशन वीक के फिनाले में डिजाइनर निलोफर शाहिद की शोपस्टॉपर के तौर पर सुनहरी साड़ी में रैंप पर चलती और धार्मिक कलाम पर डांस करती नजर आ रही हैं।
LAAM फैशन वीक कब और कहाँ हुआ?
LAAM फैशन वीक का दूसरा संस्करण 23 से 26 अक्टूबर 2026 तक लाहौर में आयोजित किया गया। इसमें 43 शो प्रस्तुत किए गए।
वीडियो पर लोगों की क्या प्रतिक्रिया रही?
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई। कई यूजर्स ने मिशी खान की बात का समर्थन किया, जबकि कुछ ने इसे कला और धार्मिक संवेदनशीलता के बीच संतुलन का सवाल बताया।

