भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का निधन हो गया है। वे 75 साल के थे। गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026 की सुबह गोवा के डोना पाउला स्थित अपने घर पर वे बेहोश पाए गए, जिसके बाद उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों के मुताबिक उन्हें गंभीर कार्डियक अरेस्ट आया था और करीब 45 मिनट तक सीपीआर देने के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। सुबह करीब 5:20 बजे डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
एनडीटीवी प्रॉफिट की रिपोर्ट के मुताबिक मणिपाल हॉस्पिटल के डॉ. शेखर सालकर ने न्यूज एजेंसी एएनआई को बताया कि इस मामले में मेडिको-लीगल केस (एमएलसी) दर्ज किया गया है और पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा। परिवार की ओर से अभी कोई विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है। नाना पाटेकर के निधन की खबर से फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई है।
टाइमलाइन: नाना पाटेकर का सफर
- 1 जनवरी 1951: महाराष्ट्र के मुरुड-जंजिरा में विश्वनाथ पाटेकर का जन्म।
- 1978: फिल्म ‘गमन’ से अभिनय करियर की शुरुआत।
- 1986: ‘अंकुश’ से मिली पहचान, दमदार अभिनय के लिए सराहना।
- 1989: ‘परिंदा’ में अन्ना सेठ के किरदार ने उन्हें स्टार बना दिया।
- 1991: ‘प्रहार’ का निर्देशन भी किया, जिसमें उन्होंने मेजर चौहान की भूमिका निभाई।
- 1994: ‘क्रांतिवीर’ के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार।
- 2004-2007: ‘अब तक छप्पन’, ‘अपहरण’ और ‘वेलकम’ जैसी यादगार फिल्में।
- 2013: कला के क्षेत्र में योगदान के लिए पद्म श्री से सम्मान।
- 2016: मराठी फिल्म ‘नटसम्राट’ में अभिनय को करियर का शिखर माना गया।
- 8 अक्टूबर 2026: 75 साल की उम्र में गोवा में निधन।
यादगार फिल्में
| फिल्म | साल | भूमिका/खासियत |
|---|---|---|
| अंकुश | 1986 | पहचान दिलाने वाली भूमिका |
| परिंदा | 1989 | अन्ना सेठ — खलनायक के रूप में अमर किरदार |
| प्रहार | 1991 | मेजर चौहान; निर्देशन भी किया |
| क्रांतिवीर | 1994 | राष्ट्रीय पुरस्कार — सर्वश्रेष्ठ अभिनेता |
| अग्नि साक्षी | 1996 | मनोवैज्ञानिक थ्रिलर में दमदार अभिनय |
| खामोशी: द म्यूजिकल | 1996 | संवेदनशील पिता की भूमिका |
| अब तक छप्पन | 2004 | एनकाउंटर स्पेशलिस्ट साधु अग्रवाल |
| अपहरण | 2005 | फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ खलनायक पुरस्कार |
| वेलकम | 2007 | कॉमेडी में भी छाप छोड़ी |
| नटसम्राट | 2016 | मराठी सिनेमा की ऐतिहासिक फिल्म |
इसका मतलब क्या है?
नाना पाटेकर सिर्फ एक अभिनेता नहीं थे, वे भारतीय सिनेमा के उस दौर के प्रतीक थे जब अभिनय का मतलब किरदार में पूरी तरह डूब जाना होता था। ‘क्रांतिवीर’ का प्रताप नारायण तिलक हो या ‘परिंदा’ का अन्ना सेठ, उनके किरदार आज भी दर्शकों की यादों में जिंदा हैं। पर्दे से बाहर वे किसानों के हक की आवाज थे — उन्होंने मकरंद अनासपुरे के साथ नाम फाउंडेशन की स्थापना की थी, जो सूखा प्रभावित किसानों की मदद करता है। सादगी भरा जीवन जीने वाले नाना पाटेकर मुंबई के छोटे से घर में रहते थे और अपनी ज्यादातर कमाई समाज सेवा में लगाते थे। उनका जाना भारतीय सिनेमा के एक युग का अंत है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
नाना पाटेकर का निधन कैसे हुआ?
रिपोर्ट्स के मुताबिक 8 अक्टूबर 2026 की सुबह गोवा के डोना पाउला स्थित घर पर वे बेहोश पाए गए। अस्पताल में उन्हें गंभीर कार्डियक अरेस्ट आया और 45 मिनट के सीपीआर के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। सुबह 5:20 बजे उन्हें मृत घोषित किया गया।
नाना पाटेकर की उम्र कितनी थी?
उनका जन्म 1 जनवरी 1951 को हुआ था, इस हिसाब से वे 75 साल के थे।
क्या पोस्टमॉर्टम होगा?
मणिपाल हॉस्पिटल के डॉ. शेखर सालकर ने एएनआई को बताया कि मेडिको-लीगल केस दर्ज किया गया है और पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा।
नाना पाटेकर की सबसे यादगार फिल्में कौन सी हैं?
‘परिंदा’, ‘क्रांतिवीर’ (राष्ट्रीय पुरस्कार), ‘प्रहार’, ‘अब तक छप्पन’, ‘अपहरण’, ‘वेलकम’ और मराठी फिल्म ‘नटसम्राट’ उनके करियर की मील का पत्थर मानी जाती हैं।
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स्रोत: NDTV Profit, Republic Bharat

