रजनीकांत ने 2002 की फिल्म बाबा के फ्लॉप होने के बाद वह किया जो भारतीय सिनेमा में शायद ही किसी सुपरस्टार ने किया हो — उन्होंने डिस्ट्रीब्यूटरों का नुकसान अपनी जेब से भर दिया। तेलुगु डिस्ट्रीब्यूटर एनवी प्रसाद के अनुसार, रजनीकांत ने उन्हें ₹1.60 करोड़ का पूरा नुकसान लौटाया और ऊपर से ₹1 लाख मुनाफे के तौर पर दिए।
प्रसाद ने बताया कि बाबा के वितरण अधिकार उनके पास आंध्र प्रदेश और निजाम क्षेत्र के लिए थे। रिलीज के एक हफ्ते बाद रजनीकांत ने खुद उन्हें फोन करके फिल्म के प्रदर्शन के बारे में पूछा। करीब एक महीने बाद प्रसाद को सुपरस्टार के ऑफिस बुलाया गया, जहां नुकसान का पूरा हिसाब लगाया गया। हिसाब ₹1.60 करोड़ निकला। अगले दिन जब प्रसाद वापस पहुंचे तो रजनीकांत ने पूरा पैसा लौटा दिया और साथ में ₹1 लाख अतिरिक्त दिए।
प्रसाद के अनुसार, रजनीकांत ने उन्हें बताया कि रिफंड पाने वाले वे पहले डिस्ट्रीब्यूटर हैं और इसके बाद कर्नाटक के डिस्ट्रीब्यूटर की बारी होगी। प्रसाद ने वह बात भी याद की जो वे कभी नहीं भूले — रजनीकांत ने कहा था, “मैं यह पैसा दुबई नहीं ले जाऊंगा। मैंने बाबा अपनी संतुष्टि के लिए बनाई थी, आपको नुकसान पहुंचाने के लिए नहीं।”
रजनीकांत की बाबा — उम्मीदें, असफलता और असर
बाबा 2002 की बहुप्रतीक्षित तमिल फिल्म थी। इसका निर्देशन सुरेश कृष्णा ने किया था और पटकथा खुद रजनीकांत ने लिखी थी। फिल्म में मनीषा कोइराला और अमरीश पुरी भी थे, संगीत ए.आर. रहमान का था और फिल्म का निर्माण रजनीकांत ने अपने बैनर लोटस इंटरनेशनल के तहत किया था। पदयप्पा की बड़ी सफलता के तीन साल बाद रजनीकांत पर्दे पर लौट रहे थे, इसलिए उम्मीदें आसमान पर थीं।
रिपोर्ट्स के अनुसार, फिल्म को सभी क्षेत्रों में वितरकों को करीब ₹17 करोड़ में बेचा गया था, लेकिन थिएट्रिकल शेयर सिर्फ करीब ₹3 करोड़ रहा। अलौकिक कहानी — एक नास्तिक युवक जिसे पता चलता है कि वह हिमालय के एक संत का पुनर्जन्म है — ने दर्शकों को दो हिस्सों में बांट दिया। हर क्षेत्र के वितरकों को भारी नुकसान हुआ।
इसके बाद रजनीकांत ने हर डिस्ट्रीब्यूटर से बात की, उनके नुकसान का हिसाब लगाया और अपनी जेब से पैसा लौटाया। डीएनए इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने कुल निवेश का करीब 25 प्रतिशत, यानी ₹3 करोड़ से ज्यादा, अपने निजी पैसों से लौटाया।
टाइमलाइन: बाबा से चंद्रमुखी तक
- 1999: पदयप्पा की बड़ी सफलता। इसके बाद रजनीकांत तीन साल तक पर्दे से दूर रहे।
- 2002: बाबा रिलीज — बाशा वाली जोड़ी (रजनीकांत-सुरेश कृष्णा) की वापसी, भारी उम्मीदें।
- 2002: रिलीज के एक हफ्ते बाद रजनीकांत का प्रसाद को फोन। एक महीने बाद ₹1.60 करोड़ के नुकसान का हिसाब और अगले दिन पूरा रिफंड, साथ में ₹1 लाख मुनाफा।
- 2002–2005: बाबा की असफलता के बाद रजनीकांत ने तीन साल तक कोई फिल्म साइन नहीं की।
- 2005: चंद्रमुखी से वापसी — फिल्म ब्लॉकबस्टर रही और उनकी व्यावसायिक बादशाहत फिर स्थापित हुई।
- 2022: बाबा की री-रिलीज — 20 साल बाद डिजिटली रीमास्टर्ड संस्करण, छोटा रनटाइम और वैकल्पिक अंत। इस बार फिल्म को ₹4 करोड़ से ज्यादा की कमाई और पहले से कहीं बेहतर प्रतिक्रिया मिली।
बाबा: फिल्म और आंकड़े
| जानकारी | विवरण |
|---|---|
| फिल्म | बाबा (2002, तमिल) |
| निर्देशक | सुरेश कृष्णा |
| पटकथा | रजनीकांत |
| कलाकार | रजनीकांत, मनीषा कोइराला, अमरीश पुरी |
| संगीत | ए.आर. रहमान |
| निर्माता | लोटस इंटरनेशनल (रजनीकांत) |
| वितरकों को बिक्री मूल्य | करीब ₹17 करोड़ (रिपोर्ट्स के अनुसार) |
| थिएट्रिकल शेयर | करीब ₹3 करोड़ (रिपोर्ट्स के अनुसार) |
| एनवी प्रसाद का नुकसान | ₹1.60 करोड़ |
| प्रसाद को रिफंड | ₹1.60 करोड़ + ₹1 लाख मुनाफा |
| कुल रिफंड (डीएनए इंडिया के अनुसार) | ₹3 करोड़ से ज्यादा |
| री-रिलीज (2022) | ₹4 करोड़ से ज्यादा की कमाई |
इसका मतलब क्या है?
फिल्म कारोबार में वितरक अक्सर सबसे ज्यादा जोखिम उठाते हैं — वे फिल्म को एक तय कीमत पर खरीदते हैं और कमाई टिकट खिड़की पर निर्भर करती है। जब कोई बड़ी फिल्म उम्मीद पर खरी नहीं उतरती, तो नुकसान वितरकों को उठाना पड़ता है। ऐसे में किसी सुपरस्टार का अपनी जेब से नुकसान भरना असाधारण माना जाता है। रजनीकांत का यह कदम इसलिए भी याद किया जाता है क्योंकि उन्होंने न सिर्फ पैसा लौटाया, बल्कि मुनाफे के तौर पर अतिरिक्त राशि भी दी। रिपोर्ट्स के अनुसार, 2014 की फिल्म लिंगा के वितरकों के नुकसान पर भी उन्होंने कथित तौर पर करीब ₹10 करोड़ लौटाए थे।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
एनवी प्रसाद कौन हैं?
एनवी प्रसाद एक तेलुगु फिल्म डिस्ट्रीब्यूटर हैं, जिनके पास बाबा के आंध्र प्रदेश और निजाम क्षेत्र के वितरण अधिकार थे।
कुल कितना पैसा लौटाया गया?
प्रसाद को ₹1.60 करोड़ का नुकसान और ₹1 लाख मुनाफा मिला। डीएनए इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, सभी वितरकों को मिलाकर उन्होंने ₹3 करोड़ से ज्यादा लौटाए।
बाबा क्यों फ्लॉप हुई?
भारी उम्मीदों के बीच रिलीज हुई फिल्म की अलौकिक कहानी ने दर्शकों को बांट दिया। ₹17 करोड़ की बिक्री के मुकाबले थिएट्रिकल शेयर सिर्फ करीब ₹3 करोड़ रहा।
बाबा की री-रिलीज कैसी रही?
2022 में, 20 साल बाद, फिल्म डिजिटली रीमास्टर्ड रूप में, छोटे रनटाइम और वैकल्पिक अंत के साथ फिर रिलीज हुई। इस बार इसे ₹4 करोड़ से ज्यादा की कमाई और पहले से बेहतर प्रतिक्रिया मिली।
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स्रोत: द इंडियन एक्सप्रेस | रजनीकांत — विकिपीडिया

