Rasik Dulare Sharan की वृंदावन में मौत, चौथी मंजिल से गिरने के बाद इलाज के दौरान दम तोड़ा, पुलिस जांच में जुटी
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Rasik Dulare Sharan की वृंदावन में मौत, चौथी मंजिल से गिरने के बाद इलाज के दौरान दम तोड़ा, पुलिस जांच में जुटी

वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य Rasik Dulare Sharan (मूल नाम दीपक कुमार) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार (25 सितंबर, 2026) को वह प्रेमानंद महाराज के आश्रम के पीछे बनी सोसाइटी के एक फ्लैट की चौथी मंजिल से गिर गए। गंभीर हालत में उन्हें सर्वोदय अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

घटना की सूचना मिलते ही वृंदावन कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया, जबकि आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मृतक के परिजनों को घटना की जानकारी दे दी गई है और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।

फिलहाल यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं है कि दीपक के साथ आखिर हुआ क्या था। शुरुआती जांच में चौथी मंजिल से गिरने की बात सामने आई है, लेकिन यह कदम उन्होंने खुद उठाया या कोई और परिस्थिति थी — इसकी वजह अभी सामने नहीं आई है। पुलिस मामले को आत्महत्या और अन्य संभावित पहलुओं, दोनों एंगल से देख रही है। एसपी सिटी राजीव कुमार के मुताबिक, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों से मौत की परिस्थितियों को समझने में मदद मिल सकती है।

कुछ रिपोर्ट्स में घटना से जुड़े एक वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने का दावा भी किया गया है। हालांकि, उस वीडियो की प्रामाणिकता और उनमें किए गए दावों की पुष्टि किसी स्वतंत्र स्रोत से नहीं हुई है, इसलिए पुलिस की जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।

टाइमलाइन

  • फरवरी 2025: मूलतः मध्य प्रदेश के जबलपुर के रहने वाले दीपक कुमार ने संत प्रेमानंद महाराज से दीक्षा ली। दीक्षा के बाद वह Rasik Dulare Sharan के नाम से जाने जाने लगे।
  • 2025-2026: करीब डेढ़ साल तक वह प्रेमानंद महाराज के आश्रम के पीछे बनी सोसाइटी के एक फ्लैट में रहे।
  • 25 सितंबर, 2026 (शुक्रवार): सोसाइटी के फ्लैट की चौथी मंजिल से गिरकर गंभीर रूप से घायल; उन्हें तुरंत सर्वोदय अस्पताल ले जाया गया।
  • इलाज के दौरान मौत: अस्पताल में इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। वृंदावन कोतवाली पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और सीसीटीवी फुटेज की जांच शुरू की।
  • 29 सितंबर, 2026: घटना की खबरें सामने आईं। पुलिस ने बताया कि मौत की वजह अभी स्पष्ट नहीं है और जांच जारी है।

कौन थे दीपक कुमार उर्फ Rasik Dulare Sharan?

दीपक कुमार मूलतः मध्य प्रदेश के जबलपुर के रहने वाले थे। फरवरी 2025 में उन्होंने वृंदावन आकर संत प्रेमानंद महाराज से दीक्षा ली थी और इसके बाद से ही वह वहीं रहने लगे थे। दीक्षा के बाद से वह Rasik Dulare Sharan के नाम से पहचाने जाते थे। करीब डेढ़ साल से वह आश्रम के पीछे स्थित सोसाइटी के एक फ्लैट में रह रहे थे। घटना के बाद आश्रम और आसपास के इलाके में हलचल मच गई, और दीपक की मौत की खबर से उनके परिचित भी हैरान हैं।

संत प्रेमानंद महाराज वृंदावन के प्रसिद्ध आध्यात्मिक संत हैं, जिनके देश-विदेश में बड़ी संख्या में अनुयायी हैं। उनके प्रवचनों और पदयात्राओं के वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से देखे जाते हैं। खबरों के मुताबिक, इस घटना को लेकर आश्रम की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

इसका मतलब क्या है?

यह किसी फिल्मी हस्ती से जुड़ी खबर नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक अनुयायी की मौत का मामला है — इसलिए इसे लेकर फैल रही हर तरह की अटकलों को पुलिस की जांच के दायरे में ही देखना चाहिए। पुलिस ने साफ किया है कि वह आत्महत्या और अन्य संभावित पहलुओं, दोनों एंगल से जांच कर रही है, और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की परिस्थितियों पर कोई ठोस बात कही जा सकेगी। जब तक जांच पूरी नहीं होती, गिरने की वजह को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Rasik Dulare Sharan कौन थे?
Rasik Dulare Sharan का मूल नाम दीपक कुमार था। वह मध्य प्रदेश के जबलपुर के रहने वाले थे और फरवरी 2025 में संत प्रेमानंद महाराज से दीक्षा लेकर उनके शिष्य बने थे।

उनकी मौत कैसे हुई?
शुरुआती पुलिस जांच में सामने आया है कि वह वृंदावन में आश्रम के पीछे बनी सोसाइटी के फ्लैट की चौथी मंजिल से गिरे थे। गंभीर हालत में उन्हें सर्वोदय अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। मौत की असल वजह अभी स्पष्ट नहीं है।

पुलिस जांच में क्या हो रहा है?
वृंदावन कोतवाली पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया है, सीसीटीवी फुटेज खंगाली जा रही है और संबंधित लोगों से पूछताछ की जा रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है — रिपोर्ट के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी।

क्या आश्रम की ओर से कोई बयान आया है?
खबरों के मुताबिक, इस घटना को लेकर प्रेमानंद महाराज के आश्रम की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

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इस विषय पर विस्तार से पढ़ें: Filmibeat Hindi की रिपोर्ट और एनटीवी टाइम की रिपोर्ट।