बॉम्बे हाई कोर्ट ने 1 अक्टूबर 2026 को अभिनेत्री सामंथा रुथ प्रभु को उनकी पहचान के गैरकानूनी इस्तेमाल के खिलाफ बड़ी अंतरिम राहत दी है। जस्टिस माधव जे. जमदार ने पाया कि उनके नाम, तस्वीर, आवाज़ और पहचान के दुरुपयोग को रोकने के लिए “बहुत मजबूत प्रथम दृष्टया मामला” बनता है। कोर्ट ने एआई प्लेटफॉर्म, ई-कॉमर्स पोर्टल और डिजिटल मीडिया संस्थाओं को बिना अनुमति उनकी पहचान का इस्तेमाल करने से रोक दिया है।
सामंथा रुथ प्रभु की टीम को जुलाई 2026 के तीसरे हफ्ते में इस दुरुपयोग का पता चला था। कोर्ट के आदेश में इस दुरुपयोग को व्यापक, संगठित और व्यवस्थित बताया गया है। इसमें एआई से बनाए गए डीपफेक वीडियो, मॉर्फ की गई तस्वीरें, उनकी पहचान का इस्तेमाल करने वाले इंटरैक्टिव चैटबॉट, बिना अनुमति बेचा जा रहा मर्चेंडाइज़ और उनकी आवाज़ के क्लिप शामिल थे। कोर्ट ने कहा कि इस सामग्री का प्रसार उनकी साख, प्रतिष्ठा और व्यावसायिक हितों को अपूरणीय नुकसान पहुंचा रहा है।
कोर्ट ने क्या-क्या आदेश दिया
कोर्ट ने कुल 18 प्रतिवादियों के खिलाफ अंतरिम राहत दी है, जिनमें मेटा, गूगल और अमेज़न समेत कई एआई प्लेटफॉर्म शामिल हैं। आदेश लागू कराने के लिए MeitY और दूरसंचार विभाग को भी पक्षकार बनाया गया है। मुख्य आदेश इस प्रकार हैं:
- पहचानी गई सामग्री हटेगी: प्लेटफॉर्म को चिन्हित डीपफेक, मॉर्फ की गई तस्वीरों, आपत्तिजनक सामग्री, चैटबॉट पर्सोना और उत्पाद लिस्टिंग को हटाना या उन तक पहुंच बंद करनी होगी।
- भविष्य की सामग्री पर भी रोक: गूगल, अमेज़न और अन्य प्लेटफॉर्म को भविष्य में सामने आने वाली इसी तरह की सामग्री भी हटानी होगी, जब अभिनेत्री या उनके प्रतिनिधि उन्हें लिखित में सूचित करेंगे।
- प्लेटफॉर्म को आपत्ति का अधिकार: अगर किसी लिंक में असली तस्वीर या वैध सामग्री हो, तो प्लेटफॉर्म कारण सहित अपनी आपत्ति अभिनेत्री के वकील को बता सकते हैं। विवाद न सुलझे तो कोर्ट से संपर्क किया जा सकेगा।
- बिना सहमति इस्तेमाल पर रोक: प्रतिवादियों को बिना अनुमति अभिनेत्री के नाम, तस्वीर, आवाज़ या पहचान का इस्तेमाल करने से रोका गया है।
- आगे की तारीखें: प्रतिवादियों को छह हफ्ते में जवाब, फिर तीन हफ्ते में अभिनेत्री का जवाब दाखिल करना होगा। अगली सुनवाई 10 दिसंबर 2026 को होगी।
एक चैटबॉट प्लेटफॉर्म के संचालक ने मुकदमा मिलने के बाद अभिनेत्री की पहचान वाला कैरेक्टर बंद कर दिया था। इस मामले की विस्तृत कानूनी रिपोर्ट MediaNama और LiveLaw पर पढ़ी जा सकती है।
टाइमलाइन
- जुलाई 2026, तीसरा हफ्ता: सामंथा रुथ प्रभु की टीम को उनकी पहचान के व्यापक दुरुपयोग का पता चला।
- 1 अक्टूबर 2026: बॉम्बे हाई कोर्ट के जस्टिस माधव जे. जमदार ने अंतरिम सुरक्षा का आदेश दिया।
- आदेश के 6 हफ्ते के अंदर: प्रतिवादियों को जवाबी हलफनामा दाखिल करना है।
- उसके 3 हफ्ते के अंदर: अभिनेत्री पक्ष को अपना जवाब दाखिल करना है।
- 10 दिसंबर 2026: अगली सुनवाई तय है। अंतरिम राहत अगले आदेश तक जारी रहेगी।
इसका मतलब क्या है?
यह आदेश पर्सनैलिटी राइट्स यानी किसी व्यक्ति की पहचान पर उसके अधिकार को लेकर भारतीय अदालतों के बढ़ते रुख का हिस्सा है। कोर्ट ने कहा कि सामंथा रुथ प्रभु के पर्सनैलिटी और पब्लिसिटी राइट्स संविधान के अनुच्छेद 19(1)(a) और 21 के तहत संरक्षित हैं, और एक कलाकार के तौर पर उनके नैतिक अधिकार कॉपीराइट अधिनियम की धारा 38B के तहत आते हैं। कोर्ट ने यह भी दर्ज किया कि एक बार ऐसी सामग्री फैल जाए तो उसका असीमित दोहराव हो सकता है, इसलिए सिर्फ पैसों का हर्जाना इस नुकसान की भरपाई के लिए काफी नहीं होगा। यही वजह है कि कोर्ट ने हटाने (टेकडाउन) और भविष्य की सामग्री पर रोक का रास्ता अपनाया, साथ ही प्लेटफॉर्म को वैध सामग्री को लेकर आपत्ति का मौका भी दिया।
सामंथा रुथ प्रभु कौन हैं?
सामंथा रुथ प्रभु तेलुगु और तमिल सिनेमा की प्रमुख अभिनेत्री हैं, जिनकी हिंदी दर्शकों में भी मजबूत पहचान है। उन्होंने 2010 में तेलुगु फिल्म “ये माया चेसावे” से अभिनय की शुरुआत की। इसके बाद “ईगा” (2012), “रंगस्थलम” (2018) और “महानटी” (2018) जैसी फिल्मों में उनके काम को सराहा गया। हिंदी दर्शकों के बीच वह “पुष्पा: द राइज़” (2021) के गाने “ऊ अंटावा” और वेब सीरीज़ “द फैमिली मैन” सीज़न 2 (2021) में राजी के किरदार से और ज्यादा लोकप्रिय हुईं। 2024 में वह वरुण धवन के साथ “सिटाडेल: हनी बनी” में नजर आईं।
इसी तरह के अन्य मामले
| व्यक्ति | कोर्ट | मिली राहत |
|---|---|---|
| प्रीति जिंटा | बॉम्बे हाई कोर्ट | गूगल, एक्स, मेटा और एआई प्लेटफॉर्म को डीपफेक व मर्चेंडाइज़ पर कार्रवाई का आदेश |
| कंगना रनौत | दिल्ली हाई कोर्ट | डीपफेक, फर्जी कोट्स और छेड़छाड़ वाले वीडियो पर रोक; मेटा को हटाने का निर्देश |
| श्रुति हासन | दिल्ली हाई कोर्ट | “बहुत मजबूत प्रथम दृष्टया मामला”; प्लेटफॉर्म को आपत्तिजनक सामग्री हटाने का निर्देश |
| अक्षय कुमार | बॉम्बे हाई कोर्ट | पर्सनैलिटी राइट्स मामले में पहले का आदेश; आईटी नियम 2021 के नियम 3(1)(b) पर विचार |
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या यह इस मामले का अंतिम फैसला है?
नहीं। यह अंतरिम राहत है, जो अगले आदेश तक लागू रहेगी। अगली सुनवाई 10 दिसंबर 2026 को है।
क्या कोर्ट ने सिर्फ पुरानी सामग्री हटाने को कहा है?
नहीं। पुरानी चिन्हित सामग्री के साथ-साथ भविष्य में सामने आने वाली इसी तरह की सामग्री भी लिखित सूचना पर हटानी होगी।
क्या प्लेटफॉर्म इस आदेश पर आपत्ति कर सकते हैं?
हां। वैध सामग्री वाले लिंक पर प्लेटफॉर्म कारण सहित आपत्ति दर्ज करा सकते हैं।
यह आदेश किन प्लेटफॉर्म पर लागू होगा?
मेटा, गूगल, अमेज़न समेत कुल 18 प्रतिवादियों पर।

