शाहरुख खान के स्कूल वाले दिन: ‘मेल गाड़ी’ निकनेम और पुराने किस्से
बॉलीवुड के ‘बादशाह’ कहे जाने वाले शाहरुख खान आज जिस शख्सियत के रूप में जाने जाते हैं, उसकी नींव दिल्ली के सेंट कोलंबस स्कूल में पड़ी थी। शाहरुख खान ने अपनी स्कूली पढ़ाई नई दिल्ली के इसी स्कूल से की, जहां वे पढ़ाई के साथ-साथ खेलों में भी अव्वल थे। उनके स्कूल के दिनों का एक पुराना किस्सा एक बार फिर चर्चा में है — डॉक्यूमेंट्री ‘द इनर वर्ल्ड ऑफ शाहरुख खान’ में स्कूल के दौरे के दौरान उनके एक पुराने परिचित ने उन्हें याद दिलाया था, “याद है मॉडर्न स्कूल वालों के दांत तोड़ दिए थे?” — यह सुनकर शाहरुख खान हंस पड़े थे।
यह बातचीत तब की है जब शाहरुख अपने स्कूल पहुंचे थे और पुराने परिचितों से मिल रहे थे। स्कूल परिसर में घूमते हुए बातचीत के दौरान एक पुराने परिचित ने यह किस्सा छेड़ा। रिपोर्ट्स के मुताबिक शाहरुख खान ने इस पर ज्यादा कुछ नहीं कहा, बस हंसते रहे — लेकिन उनके हंसने ने उनके स्कूल के शरारती दिनों की झलक जरूर दे दी। पुराने परिचित के इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन शाहरुख का हंस पड़ना इस बात की गवाही है कि स्कूल के दिन उनके लिए आज भी खास हैं।
‘मेल गाड़ी’ निकनेम की कहानी: एक्सप्रेस ट्रेन जैसी रफ्तार
शाहरुख खान ने फिल्मफेयर को दिए एक इंटरव्यू में खुद अपने स्कूल के निकनेम का खुलासा किया था। उन्होंने बताया था, “‘मेल गाड़ी’ — क्योंकि मैं बहुत तेज दौड़ता था, एक्सप्रेस ट्रेन की तरह। और इसलिए भी क्योंकि मेरे बाल आगे से खड़े रहते थे।” (Mail gadda, because I used to run very fast, like an express train. Also because my hair used to stand out in front.)
यह निकनेम उनके खेल के मैदान वाले व्यक्तित्व को दर्शाता है। स्कूल में शाहरुख खान फुटबॉल समेत खेलों में काफी आगे थे और उनकी रफ्तार ही उनकी पहचान बन गई थी। आज भी उनके पुराने सहपाठी और परिचित उन्हें इसी नाम से याद करते हैं।
शरारती छात्र: टीचरों के साथ प्रैंक्स और केमिस्ट्री की कहानी
शाहरुख ने कई इंटरव्यू में स्वीकार किया है कि वे स्कूल में काफी शरारती थे और टीचरों को अक्सर परेशान करते थे। एक मशहूर किस्सा उनकी केमिस्ट्री टीचर से जुड़ा है — शाहरुख ने एक बार उन्हें यह कहकर अच्छे नंबर दिलवाए थे कि वे उनके बेटे जैसे हैं।
उनकी शरारतों की सूची यहीं नहीं खत्म होती। रिपोर्ट्स के मुताबिक शाहरुख अक्सर क्लास में मिर्गी का दौरा पड़ने का नाटक करते थे — ‘बेहोश’ होने के बाद टीचरों को उनकी मदद के लिए अपने जूते उतारकर उन्हें सुंघाने पड़ते थे। एक बार एक नए टीचर के साथ उन्होंने ऐसा ही प्रैंक किया, जिसमें उनके सहपाठियों ने टीचर को यकीन दिलाया कि अगर उन्होंने अपने स्वेड के जूते नहीं दिए तो शाहरुख की जान को खतरा है — टीचर को बाकी दिन नंगे पैर घूमना पड़ा।
उनकी आत्मकथा में भी स्कूल के दिनों की झलक मिलती है। शाहरुख ने लिखा है कि सेंट कोलंबस एक सख्त अनुशासन वाला स्कूल था, जिसे आयरिश ब्रदर्स चलाते थे। बालों की लंबाई को लेकर इतनी सख्ती थी कि कई बार सुबह की असेंबली के सामने ही उनके बाल कटवा दिए जाते थे। हालांकि वे पढ़ाई में अच्छे थे — वे पूरे साल नहीं पढ़ते थे, बस परीक्षा से एक रात पहले जागकर तैयारी करते थे, और इलेक्ट्रॉनिक्स उनका पसंदीदा विषय था, जिसमें उन्होंने सबसे ज्यादा अंक हासिल किए। उनके पसंदीदा फुटबॉलरों में सोक्रेटिस, पेले, मैराडोना और मथायस शामिल थे, और वे हॉकी खिलाड़ी असलम शेर खान जैसे बनना चाहते थे।
टाइमलाइन: दिल्ली के लड़के से ‘किंग खान’ तक
- 2 नवंबर 1965: नई दिल्ली में जन्म। बचपन और स्कूली शिक्षा दिल्ली में ही हुई।
- स्कूल के दिन (सेंट कोलंबस, नई दिल्ली): पढ़ाई और खेल — दोनों में अव्वल। ‘मेल गाड़ी’ निकनेम मिला, टीचरों के साथ शरारतें।
- 1989: टेलीविजन सीरियल ‘फौजी’ से एक्टिंग डेब्यू — छोटे पर्दे से शुरुआत।
- 1992: फिल्म ‘दीवाना’ से बॉलीवुड डेब्यू — स्टारडम की शुरुआत।
- डॉक्यूमेंट्री ‘द इनर वर्ल्ड ऑफ शाहरुख खान’: स्कूल का दौरा — पुराने परिचित ने ‘मॉडर्न स्कूल वालों के दांत तोड़ दिए थे’ वाला किस्सा याद दिलाया; शाहरुख हंस पड़े।
- 2005: भारत सरकार ने पद्म श्री से सम्मानित किया।
- 2023: ‘पठान’ और ‘जवान’ — करियर की सबसे बड़ी बॉक्स-ऑफिस सफलताओं के साथ धमाकेदार वापसी।
शाहरुख खान: अहम पड़ाव एक नज़र में
| पड़ाव | विवरण |
|---|---|
| जन्म | 2 नवंबर 1965, नई दिल्ली |
| स्कूल | सेंट कोलंबस स्कूल, नई दिल्ली |
| निकनेम | ‘मेल गाड़ी’ — तेज दौड़ और आगे से खड़े बालों की वजह से |
| टीवी डेब्यू | ‘फौजी’ (1989) |
| बॉलीवुड डेब्यू | ‘दीवाना’ (1992) |
| सम्मान | पद्म श्री (2005); कई फिल्मफेयर पुरस्कार |
| प्रोडक्शन कंपनी | रेड चिलीज़ एंटरटेनमेंट |
इसका मतलब क्या है?
शाहरुख खान के स्कूल के किस्से इसलिए खास हैं क्योंकि वे उनके ‘सेल्फ-मेड’ सफर की जड़ दिखाते हैं — एक मध्यमवर्गीय दिल्ली का लड़का, जिसने सख्त अनुशासन वाले स्कूल में पढ़ाई की, खेल के मैदान में अपनी रफ्तार से पहचान बनाई और फिर टेलीविजन से बॉलीवुड तक का सफर तय किया। आयरिश ब्रदर्स के चलाए स्कूल की सख्ती, असेंबली में बाल कटवाने की यादें और टीचरों के साथ शरारतें — ये सब उस व्यक्तित्व की पृष्ठभूमि हैं जो बाद में अपनी हाज़िरजवाबी और मेहनत के लिए जाना गया। ऐसे थ्रोबैक किस्से प्रशंसकों को अपने स्टार से जोड़े रखते हैं और याद दिलाते हैं कि ‘किंग खान’ भी कभी ‘मेल गाड़ी’ कहलाने वाला एक शरारती स्कूली छात्र था।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
सवाल: शाहरुख खान का स्कूल वाला निकनेम क्या था?
जवाब: ‘मेल गाड़ी’ — क्योंकि वे एक्सप्रेस ट्रेन की तरह बहुत तेज दौड़ते थे, और उनके बाल आगे से खड़े रहते थे।
सवाल: ‘मॉडर्न स्कूल वालों के दांत तोड़ दिए थे’ — यह किसने कहा था?
जवाब: डॉक्यूमेंट्री ‘द इनर वर्ल्ड ऑफ शाहरुख खान’ में स्कूल के दौरे के दौरान एक पुराने परिचित ने यह किस्सा छेड़ा था। शाहरुख ने इस पर ज्यादा कुछ नहीं कहा, बस हंस पड़े।
सवाल: शाहरुख खान ने किस स्कूल में पढ़ाई की?
जवाब: नई दिल्ली के सेंट कोलंबस स्कूल में, जहां वे पढ़ाई और खेल — दोनों में अव्वल थे।
सवाल: शाहरुख खान का एक्टिंग डेब्यू कब और कहां से हुआ?
जवाब: 1989 में टेलीविजन सीरियल ‘फौजी’ से, और 1992 में फिल्म ‘दीवाना’ से बॉलीवुड डेब्यू।
और पढ़ें
स्रोत: टाइम्स ऑफ इंडिया — When SRK recalled breaking the teeth of modern school students, being called ‘Mail Gaadi’ | Koimoi — When Shah Rukh Khan Broke The Teeth As A Kid Of The Students From Another School
