तुकाराम मुंढे बोले- 'मैं शुक्रगुजार हूं': पान मसाला विज्ञापनों पर सख्ती के बाद बॉलीवुड सितारों के समर्थन पर IAS अधिकारी का रिएक्शन
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तुकाराम मुंढे बोले- ‘मैं शुक्रगुजार हूं’: पान मसाला विज्ञापनों पर सख्ती के बाद बॉलीवुड सितारों के समर्थन पर IAS अधिकारी का रिएक्शन

महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) के कमिश्नर और वरिष्ठ IAS अधिकारी तुकाराम मुंढे ने पान मसाला के सरोगेट विज्ञापनों पर अपनी सख्ती के समर्थन में आए बॉलीवुड चेहरों पर रिएक्शन दिया है। अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, फिल्म इंडस्ट्री के कई लोगों ने उनके कड़े रुख का खुला समर्थन किया, जिस पर मुंढे ने खुशी जताते हुए कहा कि वह इस समर्थन के लिए शुक्रगुजार हैं।

तुकाराम मुंढे का कहना है कि जन-स्वास्थ्य के सवाल पर वह किसी दबाव में नहीं आएंगे। उनकी टिप्पणी ने एक बार फिर उस बहस को हवा दे दी है कि लोकप्रियता किसी को कानून से छूट नहीं देती — चाहे वह कितना भी बड़ा स्टार क्यों न हो।

तुकाराम मुंढे: ‘स्टार आपके लिए होंगे, मेरे लिए कानून तोड़ने वाले’

यह पूरा मामला ‘विमल इलायची’ के विज्ञापन से जुड़ा है। 11 अगस्त 2026 को महाराष्ट्र FDA ने बॉलीवुड के तीन बड़े नामों — शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ — को शो-कॉज नोटिस जारी किया था। FDA का आरोप है कि इलायची के नाम पर यह विज्ञापन दरअसल प्रतिबंधित ‘विमल पान मसाला’ का सरोगेट प्रमोशन है, और महाराष्ट्र में पान मसाला पूरी तरह बैन है।

मामले में फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट (FSS Act) की धारा 24 का सहारा लिया गया है, जो गलत या भ्रामक विज्ञापनों को रोकती है, जबकि धारा 53 के तहत ऐसे विज्ञापन में शामिल व्यक्ति पर 10 लाख रुपये तक का जुर्माना लग सकता है। मुंढे ने एक इंटरव्यू में साफ कहा था कि ये अभिनेता दर्शकों के लिए स्टार हो सकते हैं, लेकिन कानून की नजर में वे सिर्फ विज्ञापन करने वाले हैं — और अगर नियम टूटा है तो कानून अपना काम करेगा।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, तीनों अभिनेताओं में से दो ने FDA के नोटिस का जवाब दे दिया है, जबकि एक अभिनेता की ओर से कोई जवाब नहीं आया। जिसने जवाब नहीं दिया, उसके खिलाफ नियमानुसार आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। हालांकि, मुंढे ने उस अभिनेता का नाम सार्वजनिक नहीं किया है।

मुंबई के रेस्टोरेंट-होटलों में औचक छापे भी रहे सुर्खियों में

यह पहली बार नहीं है जब तुकाराम मुंढे अपने एक्शन की वजह से चर्चा में हैं। 2026 की शुरुआत में उन्होंने मुंबई के होटलों और रेस्टोरेंट की रसोई में औचक निरीक्षण शुरू किया था — कई जगह गंदगी पकड़ी गई और कई प्रतिष्ठानों को बंद भी करवाया गया। उनके इस अभियान को आम लोगों का भरपूर समर्थन मिला था।

अपनी कड़क कार्यशैली और बेबाक फैसलों के लिए मशहूर मुंढे का प्रशासनिक करियर भी काफी चर्चित रहा है — 21 साल के करियर में उनके 25 तबादले हो चुके हैं, जो उनकी सख्त छवि की गवाही देता है।

राष्ट्रपति मुर्मू की अपील और ‘Influence is not immunity’

22 सितंबर 2026 को गुजरात के एकता नगर (केवड़िया) में 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने फिल्मी सितारों से अपील की थी कि वे ऐसे उत्पादों का विज्ञापन या प्रचार न करें, जो लोगों की सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं। राष्ट्रपति ने कहा था — ‘फिल्म कलाकारों का समाज पर बड़ा प्रभाव होता है… असली स्टार वही है जो रोशनी फैलाता है, अंधेरा नहीं।’

तुकाराम मुंढे ने राष्ट्रपति की इस अपील का खुला समर्थन किया। उन्होंने राष्ट्रपति की क्लिप शेयर करते हुए लिखा — ‘Influence is not immunity. Artists, like everyone else, must respect the law and recognise the responsibility that comes with endorsing products, behaviours and habits that shape public choices.’ यानी प्रभाव का मतलब कानून से छूट नहीं है।

मुंढे का तर्क है कि जब प्रभाव का इस्तेमाल खाद्य उत्पादों के समर्थन में होता है, तो जन-स्वास्थ्य से समझौता नहीं किया जा सकता। उनके मुताबिक, महाराष्ट्र में ऐसे विज्ञापनों को लेकर कलाकारों को नोटिस पहले ही जारी किए जा चुके हैं और कोई भी कानून से ऊपर नहीं है।

जन-स्वास्थ्य बनाम स्टारडम की बहस

सेलिब्रिटी एंडोर्समेंट को लेकर यह बहस नई नहीं है, लेकिन मुंढे की कार्रवाई ने उसे कानूनी जमीन पर खड़ा कर दिया है। बड़े सितारों के विज्ञापनों का आम लोगों, खासकर युवाओं पर गहरा असर पड़ता है — इसलिए ऐसे विज्ञापनों में उत्पाद की प्रकृति और उसके दावों को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत पर लगातार जोर दिया जाता रहा है।

फिलहाल FDA की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही यह साफ होगा कि तीनों अभिनेताओं के खिलाफ आगे क्या कार्रवाई होती है। लेकिन इतना तय है कि तुकाराम मुंढे के रुख ने यह संदेश दे दिया है कि जन-स्वास्थ्य के सवाल पर स्टारडम कोई ढाल नहीं बनेगा — और इस रुख पर मिले बॉलीवुड के समर्थन के लिए वह खुद शुक्रगुजार हैं।

अधिक जानकारी के लिए पढ़ें: क्रॉनिका टाइम्स की रिपोर्ट और NCR पत्रिका की रिपोर्ट।

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