Wed, Oct 28, 2026
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17 साल की उम्र में ही बन गई थी वै’श्या फिर बॉलीवुड में आकर बदल गई जिंदगी!

आप सभी लोगों ने यह कहावत तो जरूर सुनी होगी कि कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती। इस कहावत को सही मायने में देखा जाए तो अगर किसी ने सच कर दिखाया है तो वह शगुफ्ता रफीक हैं। शायद बहुत कम लोगों को इनके बारे में पता होगा परंतु इनका जीवन बहुत दर्द भरा और संघर्षपूर्ण रहा है। हालिया चर्चित फिल्म “आशिकी 2” उनकी ही कलम की देन है। बहुत कम लोगों को इस बारे में जानकारी होगी कि शगुफ्ता रफीक महज 17 वर्ष की आयु में ही प्रॉस्टिट्यूट बन गई थीं।

शगुफ्ता रफीक ने खुद इस बारे में खुलासा किया था। उन्होंने यह बताया था कि एक अजनबी के साथ सिर्फ 17 वर्ष की आयु में उन्होंने अपनी व’र्जि’नि’टी को खो दिया था, जो उनके लिए बहुत ही दर्द से भरा रहा था। वह प्रॉ’स्टि’ट्यू’शन कर रही हैं, इस बारे में उनकी मां को भी जानकारी थी। शगुफ्ता रफीक ने खुलासा करते हुए बताया था कि वह अपनी बायोलॉजिकल मां को तो नहीं जानती थीं लेकिन अनवरी बेगम जिन्होंने उन्हें गोद लिया था, उन्हें ही वह अपनी मां मान रही थीं।

बॉलीवुड की वो जानी मानी हस्ती जो खर्च चलाने के लिए बन गई थी वेश्या, कहानी  आपको रुला देगीशगुफ्ता रफीक के अनुसार, तीन तरह की बातें उनके जन्म को लेकर तब कहीं गई थीं। एक की मशहूर फिल्म निर्देशक बृज सदाना की पत्नी सईदा खान की वह बेटी हैं। दूसरी बात की वह एक ऐसी मां की बेटी हैं, जिसका किसी अमीर व्यक्ति से संबंध रहा था और पैदा करने के बाद उसने उन्हें छोड़ दिया था। उनके जन्म के बारे में तीसरी बात यह थी कि उनके माता-पिता ने उन्हें फेंक दिया था। शगुफ्ता रफीक के अनुसार, जब उनकी उम्र 2 साल की थी, तब बृज साहब से सईदा का विवाह हुआ था।

शगुफ्ता रफीक का कहना है कि लोग उन्हें हारामी लड़की तक कहा करते थे। उन्होंने बताया कि वह बहुत रोया करती थीं। वह इतनी परेशान हो गई थीं कि उन्होंने स्कूल तक छोड़ दिया था। उन्होंने लोगों से लड़ना शुरू कर दिया था। वह सोचती थीं कि कोई ऐसी महिला आखिर क्यों होनी चाहिए, जो उन्हें अपने पति के भय से अपना नहीं सकतीं। अनवरी के दूसरे पति का नाम मोहम्मद रफीक था। इसी वजह से उनका नाम शगुफ्ता रफीक पड़ा।

SHAGUFTA RAFIQUE: 12 की उम्र में बार डांसर, 17 में कॉलगर्ल, अब स्क्रिप्ट  राइट हैशगुफ्ता रफीक ने बताया था कि जब मैं बहुत धनी हो गई थी तो इसके बावजूद भी उन्होंने अपनी मां अनवरी बेगम को जीने के लिए अपनी चूड़ियां और बर्तन तक बेचते हुए उन्होंने देखा। उन्होंने बताया कि मैंने कत्थक सीख कर 12 वर्ष की उम्र में प्राइवेट पार्टियों में डांस करना शुरू कर दिया था। शगुफ्ता रफीक ने आगे बताया कि वहां की कॉल गर्ल और मिस्ट्रेस के साथ बड़े-बड़े अधिकारी, मंत्री पुलिस और इनकम टैक्स ऑफिसर तक आते थे

और वह खूब पैसा उड़ाया करते थे। वह अपनी झोली में समेट लेती थीं। शगुफ्ता रफीक के मुताबिक देखा जाए तो वह कहती हैं कि वह 27 वर्षों तक प्रॉस्टिट्यूशन में रही थीं। इसके बाद दुबई में डांसर के तौर पर उन्होंने काम किया। जब उनकी मां बीमार हो गई थीं, तब वह मुंबई वापस आ गई थीं, तब वह मुंबई और बेंगलुरु में शो किया करती थीं। लेकिन कैंसर की वजह से उनकी मां अनवरी बेगम का साल 1999 में निधन हो गया।

शगुफ्ता रफीक महेश भट्ट को अपने जुड़वा भाई के तौर पर देखती हैं। उनका कहना है कि उन दोनों की जन्मतिथि एक ही है। उन्होंने बताया कि महेश भट्ट ही वह व्यक्ति थे जिन्होंने उनको लिखने का मौका दिया। वह आवारापन, राज 2, राज 3, जिस्म 2, मर्डर 2 और आशिकी 2 जैसी फिल्मों के लिए लिख चुकी हैं।

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