Thu, Oct 29, 2026
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मां बंगाली और पिता थे जर्मन, आखिर क्यों मुस्लिम सरनेम लगाती हैं दिया मिर्जा, खुद बताई वजह?

बॉलीवुड की खूबसूरत और प्रतिभाशाली एक्ट्रेस दीया मिर्जा (Dia Mirza) को फिल्म ‘रहना है तेरे दिल में’ की हीरोइन के तौर पर जाना जाता है। दीया ने भले ही कम फिल्मों में काम किया है, लेकिन उन सबमें उनके काम की खूब तारीफ हुई। एक्ट्रेस को हमेशा खूबसूरती के मामले में अव्वल माना जाता है। उनके चाहने वालों के लिए वो किसी सुपरस्टार से कम नहीं है। आखिरी बार वह साल 2018 में रिलीज हुई ब्लॉकबस्टर फिल्म संजू में नजर आई थीं।

दीया का बचपन बेहद मुश्किल भरा था। उनके पिता जर्मन थे जिनका नाम फैंक हैंडरिच था। जब दीया महज 9 साल की थीं तो उनके पापा-मम्मी का तलाक 11 साल बाद हो गया था। इसके बाद दीया की मां ने बाद में अजीज मिर्जा नाम के शख्स से शादी कर ली। दीया अजीज मिर्जा के काफी क्लोज थीं।

दीया एक इंटरव्यू में बताया था कि अजीज मिर्जा ने कभी उनके असली पिता फैंक हैंडरिच की जगह लेने की कोशिश नहीं की, इसी वजह से वह उन्हें बहुत प्यार करती थीं। दिया हैंडरिच ने अपने सौतेले पिता अजीज मिर्जा के प्यार के कारण ही अपना सरनेम चेंज कर मिर्जा कर लिया।

वहीं, दीया ने महज 18 की उम्र में ही साल 2000 में मिस एशिया पैसिफिक का खिताब अपने नाम कर लिया था। दीया ने बताया कि उन्होंने इस बारे में कभी भी सोचा नहीं था। उनकी एक फैमिली फ्रेंड ने उन्हें फोन करके मिस इंडिया के ऑडिशंस के बारे में बताया था जिसके बाद एक्ट्रेस वहां पहुंची।

दीया मिर्जा ने यह भी बताया कि उनके सेलेक्ट हो जाने के बाद उन्हें फोन अया और उन्हें रहने,खाने और ट्रैवल के पैसे देने थे। जो उन्होंने अपनी कमाई से दिए भी थे। दीया जब 16 साल की थी तब वह एक मल्टीमीडिया कंपनी में काम करना शुरू कर दिया था।

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