रायपुर के Ramp Walk से चमकी 9 पूर्व महिला नक्सलियों की किस्मत, मिला Bollywood ऑफर, बनेगी Bastar की 1994 घटना पर फिल्म
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रायपुर के Ramp Walk से चमकी 9 पूर्व महिला नक्सलियों की किस्मत, मिला Bollywood ऑफर, बनेगी Bastar की 1994 घटना पर फिल्म

छत्तीसगढ़ के बस्तर के जंगलों में कभी जिनके हाथों में बंदूकें थीं, वे 9 महिलाएं अब बहुत जल्द Bollywood की बड़ी फिल्म में अभिनय करती नजर आ सकती हैं। हथियार डालकर मुख्यधारा में शामिल हुईं ये सभी महिलाएं सुकमा जिले की हैं और उन्हें छत्तीसगढ़ की नक्सली हिंसा पर आधारित एक प्रस्तावित Bollywood फिल्म में एक्टिंग का बड़ा ऑफर मिला है।

मिली जानकारी के अनुसार यह फिल्म अविभाजित मध्य प्रदेश के Bastar में साल 1994 में घटी एक वास्तविक घटना पर आधारित होने जा रही है। फिल्म निर्माता इस कहानी को पूरी तरह वास्तविक और जीवंत बनाए रखना चाहते हैं, इसीलिए उन्होंने असल जिंदगी में नक्सलवाद का दंश झेल चुकीं और अब मुख्यधारा में लौट चुकीं इन 9 महिलाओं को फिल्म में शामिल करने का फैसला किया है। फिल्म की ज्यादातर शूटिंग बस्तर के ही घने जंगलों और दक्षिण बस्तर के इलाकों में इस साल नवंबर और दिसंबर में होगी।

रायपुर के रैंप वॉक से चमकी किस्मत

इन महिलाओं की किस्मत बदलने की शुरुआत कुछ समय पहले रायपुर में हुए एक सरकारी कार्यक्रम से हुई। सुकमा जिले के पुनर्वास केंद्र में नई जिंदगी शुरू कर रहीं ये महिलाएं जब रायपुर के एक शासकीय मंच पर आत्मविश्वास के साथ रैंप वॉक करके उतरीं, तो उनके वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुए और देश भर की सुर्खियों में आईं।

रिपोर्ट के मुताबिक रैंप वॉक करने वाली महिलाओं में सुशीला, आंदे भीमे, कुंजाम हिडमे, माइकम महिमा, नंदिनी, डोडी रामे, जोगी वेट्टी और पोडियम राजे शामिल हैं। इन्हीं वायरल वीडियो को देखकर फिल्म निर्माताओं की नजर इन महिलाओं पर पड़ी और Bollywood में एक्टिंग का यह प्रस्ताव सामने आया।

Bollywood में एंट्री से पहले होगा ऑडिशन और 15 दिन की वर्कशॉप

फिल्म में काम मिलने से पहले इन सभी महिलाओं का एक औपचारिक ऑडिशन लिया जाएगा। चयनित होने वाली महिलाओं के लिए मुंबई की तर्ज पर कम से कम 15 दिनों की एक विशेष एक्टिंग वर्कशॉप आयोजित की जाएगी, जिसमें उन्हें कैमरे के सामने अभिनय करने की बारीकियां सिखाई जाएंगी। निर्माताओं का कहना है कि वर्कशॉप के बाद ही शूटिंग का आखिरी शेड्यूल तय होगा।

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस पहल की सराहना की है। उन्होंने इसे बस्तर की प्रतिभा और क्षेत्र में शांति व विकास के नए अवसरों की मिसाल बताया है।

टाइमलाइन

  • 1994: अविभाजित मध्य प्रदेश के बस्तर में घटी वह वास्तविक घटना, जिस पर यह फिल्म आधारित होगी।
  • 2026 (कुछ माह पहले): सुकमा की इन महिलाओं ने नक्सलवाद का रास्ता छोड़कर आत्मसमर्पण किया और पुनर्वास केंद्र में नई जिंदगी शुरू की।
  • 2026 (सितंबर-अक्टूबर): रायपुर के सरकारी कार्यक्रम में आत्मविश्वासपूर्ण रैंप वॉक — वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल, देश भर में चर्चा।
  • अक्टूबर 2026: फिल्म निर्माताओं से हिंदी फिल्म में एक्टिंग का बड़ा ऑफर मिला; मुख्यमंत्री ने पहल की सराहना की।
  • नवंबर-दिसंबर 2026: बस्तर के घने जंगलों और दक्षिण बस्तर में फिल्म की मुख्य शूटिंग प्रस्तावित।

फिल्म की जानकारी

पहलूविवरण
फिल्म का विषय1994 में बस्तर में घटी वास्तविक घटना पर आधारित हिंदी फिल्म
कलाकारसुकमा की 9 आत्मसमर्पित पूर्व महिला नक्सली
चयन प्रक्रियाऔपचारिक ऑडिशन के बाद चयन
प्रशिक्षणमुंबई की तर्ज पर कम से कम 15 दिनों की विशेष एक्टिंग वर्कशॉप
शूटिंग लोकेशनबस्तर के घने जंगल और दक्षिण बस्तर के इलाके
शूटिंग शेड्यूलनवंबर-दिसंबर 2026 (प्रस्तावित)

इसका मतलब क्या है?

यह खबर दो स्तरों पर अहम है। पहला — यह छत्तीसगढ़ में आत्मसमर्पण और पुनर्वास की नीति की एक सकारात्मक तस्वीर पेश करती है, जिसमें मुख्यधारा में लौटे लोगों को समाज में सम्मानजनक जगह और आजीविका के नए रास्ते मिल रहे हैं। रैंप वॉक से लेकर फिल्म के ऑफर तक का सफर इसी पुनर्वास प्रक्रिया का हिस्सा है। दूसरा — यह Bollywood की उस परंपरा को आगे बढ़ाती है जिसमें वास्तविक घटनाओं को पर्दे पर उतारा जाता है; असल जिंदगी के पात्रों को ही फिल्म में उतारने का यह फैसला कहानी को प्रामाणिकता देने की कोशिश है। मुख्यमंत्री स्तर से मिली सराहना इस पहल को संस्थागत समर्थन भी देती है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

ये 9 महिलाएं कौन हैं?
ये छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले की वे महिलाएं हैं जिन्होंने नक्सलवाद का रास्ता छोड़कर आत्मसमर्पण किया था और अब पुनर्वास केंद्र में नई जिंदगी जी रही हैं। रायपुर के रैंप वॉक के बाद ये सुर्खियों में आई थीं।

फिल्म किस घटना पर आधारित होगी?
रिपोर्ट्स के मुताबिक फिल्म अविभाजित मध्य प्रदेश के बस्तर में साल 1994 में घटी एक वास्तविक घटना पर आधारित होगी।

शूटिंग कब और कहां होगी?
फिल्म की ज्यादातर शूटिंग बस्तर के घने जंगलों और दक्षिण बस्तर के इलाकों में नवंबर-दिसंबर 2026 में प्रस्तावित है। शूटिंग से पहले महिलाओं का ऑडिशन और 15 दिन की एक्टिंग वर्कशॉप होगी।

क्या फिल्म का नाम और निर्माता घोषित हुए हैं?
अभी तक फिल्म का नाम और निर्माताओं की आधिकारिक घोषणा सामने नहीं आई है; रिपोर्ट्स में सिर्फ ऑफर और प्रस्तावित योजना की जानकारी दी गई है।

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स्रोत: Chhattisgarh Crimes, Dakshin Kosal