टेलीविजन अभिनेत्री Lavina Tandon ने एक इंटरव्यू में ऐसा खुलासा किया है, जिसने इंडस्ट्री की पुरानी चर्चा को फिर से हवा दे दी है। उन्होंने बताया कि करियर के शुरुआती दौर में एक डायरेक्टर ने उन्हें फिल्म में काम का ऑफर दिया और कहा था कि अगर वह “कंप्रोमाइज” करने के लिए तैयार हों, तो 10 से 15 दिन के काम का बजट ₹5 लाख से बढ़ाकर ₹7 लाख कर दिया जाएगा। लवीना ने इस शर्त को साफ तौर पर ठुकरा दिया और कहा कि वह किसी भी कीमत पर अपने उसूलों से समझौता नहीं कर सकतीं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, जब उन्होंने पूछा कि काम का बजट कितना है, तो सामने से यह शर्त रखी गई। Lavina Tandon का कहना है कि उन्होंने स्पष्ट शब्दों में जवाब दिया कि वह सामने वाले की ईमानदारी की इज्जत करती हैं, लेकिन ऐसा कुछ नहीं कर सकतीं जो उनके नियमों के खिलाफ हो। रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि अपने करियर में लवीना को दो बार ऐसी स्थिति का सामना करना पड़ा। पहली घटना कई साल पहले की बताई जा रही है, जब साउथ की एक फिल्म बना रहे एक व्यक्ति ने उन्हें इसी तरह का ऑफर दिया था।
टाइमलाइन
- 2003: बाल कलाकार के तौर पर जी टीवी के सीरियल “तुम बिन जाऊं कहां” से अभिनय की शुरुआत।
- 2005-2006: “हीरो – भक्ति ही शक्ति है” में शार्लट और “धरती का वीर योद्धा पृथ्वीराज चौहान” में चमकी की भूमिकाएं।
- 2013: जी टीवी के ऐतिहासिक शो “जोधा अकबर” में रुकैया सुल्तान बेगम की भूमिका मिली, जो उनके करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हुई।
- कई साल पहले: साउथ की एक फिल्म के लिए कथित तौर पर पहली बार “कंप्रोमाइज” का ऑफर मिला, जिसे उन्होंने ठुकरा दिया।
- 2026: एक इंटरव्यू में लवीना ने ₹5 लाख के काम के बजाय ₹7 लाख वाले “कंप्रोमाइज” ऑफर का खुलासा किया; इस बयान को कई मीडिया रिपोर्ट्स ने उठाया।
करियर की प्रमुख भूमिकाएं
| साल | शो | भूमिका |
|---|---|---|
| 2004 | तुम बिन जाऊं कहां | बाल कलाकार (खुशी मेहरा) |
| 2005 | हीरो – भक्ति ही शक्ति है | शार्लट |
| 2006 | पृथ्वीराज चौहान | चमकी |
| 2010 | पापड़ पोल | रंजनबा दरबार |
| 2012 | बालवीर | गाल परी |
| 2013 | जोधा अकबर | रुकैया सुल्तान बेगम |
| 2016 | वारिस | स्वरूप बाजवा |
| 2017 | चंद्र नंदिनी | मोहिनी |
| 2018 | विष या अमृत: सितारा | सुरिली |
Lavina Tandon के बारे में
Lavina Tandon का जन्म 14 मई 1991 को पंजाब के लुधियाना में हुआ। उन्होंने 2003 में बाल कलाकार के तौर पर टेलीविजन में कदम रखा और दो दशकों से ज्यादा समय से इंडस्ट्री में सक्रिय हैं। विकिपीडिया के अनुसार, वह भारतीय टेलीविजन की जानी-मानी अभिनेत्री हैं, जिनकी पहचान मुख्य रूप से “जोधा अकबर” में रुकैया सुल्तान बेगम के किरदार से है।
करियर की शुरुआत में उन्होंने “दिल मिल गए”, “यहां मैं घर-घर खेली” और “एक हजारों में मेरी बहना है” जैसे शोज में भी काम किया। 2013 में “जोधा अकबर” में रुकैया बेगम की भूमिका मिलने के बाद उन्हें घर-घर पहचान मिली; एक इंटरव्यू में उन्होंने खुद कहा था कि यह शो उनके करियर का टर्निंग पॉइंट रहा (इंडिया फोरम्स)। इसके बाद वह “नागिन” में देवी काली के कैमियो, “वारिस”, “चंद्र नंदिनी”, “मरियम खान – रिपोर्टिंग लाइव” और “विघ्नहर्ता गणेश” में मीरा बाई की भूमिका में भी नजर आईं। 2023 में वह “स्वराज” में हजरत महल के किरदार में दिखीं।
इसका मतलब क्या है?
फिल्म और टेलीविजन इंडस्ट्री में नए कलाकारों को “कंप्रोमाइज” जैसे प्रस्ताव मिलने की शिकायतें लंबे समय से सामने आती रही हैं, और कई अभिनेत्रियां अपने अनुभव सार्वजनिक कर चुकी हैं। लवीना टंडन का यह बयान भी उसी कड़ी का हिस्सा है, जिसमें उन्होंने आरोप लगाने के बजाय अपना रुख साफ किया है — उन्होंने प्रस्ताव देने वाले की ईमानदारी का सम्मान जताते हुए इनकार किया और कहा कि वह अपने उसूलों के खिलाफ कोई काम नहीं कर सकतीं। उनके इस बयान को मीडिया में इसलिए भी तवज्जो मिली, क्योंकि यह इंडस्ट्री में काम के बदले अनुचित शर्तें रखने की प्रथा पर फिर से सवाल खड़े करता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
सवाल: लवीना टंडन कौन हैं?
जवाब: Lavina Tandon भारतीय टेलीविजन अभिनेत्री हैं, जिन्हें “जोधा अकबर” में रुकैया सुल्तान बेगम की भूमिका के लिए जाना जाता है। उन्होंने 2003 में बाल कलाकार के तौर पर करियर शुरू किया था।
सवाल: उन्होंने इंटरव्यू में क्या खुलासा किया?
जवाब: उन्होंने बताया कि एक डायरेक्टर ने उन्हें 10-15 दिन के काम के लिए ₹5 लाख का बजट बताया, लेकिन “कंप्रोमाइज” की शर्त पर यह रकम ₹7 लाख करने की बात कही। लवीना ने यह ऑफर ठुकरा दिया।
सवाल: क्या यह पहली बार था जब उन्हें ऐसा ऑफर मिला?
जवाब: रिपोर्ट्स के मुताबिक, लवीना को करियर में दो बार ऐसी स्थिति का सामना करना पड़ा। पहली घटना कई साल पहले साउथ की एक फिल्म के सिलसिले में हुई थी।
सवाल: उनका जवाब क्या था?
जवाब: लवीना ने कहा कि वह सामने वाले की ईमानदारी की इज्जत करती हैं, लेकिन ऐसा कुछ नहीं कर सकतीं जो उनके उसूलों और नियमों के खिलाफ हो।

