बॉलीवुड के जाने-माने अभिनेता और निर्देशक राजू खेर ने हाल ही में सिद्धार्थ कन्नन को दिए एक इंटरव्यू में अपनी जिंदगी के सबसे मुश्किल दौर का खुलासा किया है। अनुपम खेर के छोटे भाई राजू ने बताया कि करीब दो दशक पहले एक टेलीविजन प्रोजेक्ट में उन्होंने अपना सब कुछ दांव पर लगा दिया था — घर तक बेच दिया था — लेकिन चैनल के अचानक गायब हो जाने से उनकी सारी जमा-पूंजी डूब गई। उस मुश्किल घड़ी में उन्हें अपने बड़े भाई अनुपम खेर से मदद की उम्मीद थी, जो पूरी नहीं हुई। सालों बाद राजू ने इस दर्द को शब्द दिए, लेकिन साथ ही यह भी स्वीकार किया कि उस वक्त उन्होंने भाई की अपनी परेशानियों को समझा ही नहीं था।
राजू ने बताया कि एक नए टेलीविजन चैनल के लॉन्च की खबर के बाद कई लोग पायलट एपिसोड बना रहे थे और एग्रीमेंट भी हो चुके थे। उन्होंने भी ‘Life Ke Liye Kuch Bhi Karega’ नाम से एक कार्यक्रम तैयार किया था। राजू के मुताबिक, उन्होंने अपना घर बेच दिया था और कहीं और एक छोटा फ्लैट ले लिया था — फ्लैट बेचकर मिले पैसे उन्होंने उसी प्रोजेक्ट में लगा दिए थे। उनका 4-BHK घर था और परिवार के लिए सब कुछ तय लग रहा था। लेकिन अचानक पता चला कि चैनल ही गायब हो गया है; किसी को नहीं पता चला कि क्या हुआ — बस चैनल के दफ्तर के दरवाजे पर ताला लगा मिला। इस घटना के बाद राजू किराए के फ्लैट में चले गए और लगातार काम न मिलने की वजह से किराया चुकाने का दबाव भी बढ़ने लगा।
राजू ने स्वीकार किया कि उस समय उनके मन में यही विचार था कि बड़े भाई मदद कर सकते थे। उनका कहना है कि परेशानी साझा करने के लिए उनके पास भाई के अलावा ज्यादा लोग नहीं थे, और उन्हें लगा था कि पहले से स्थापित अभिनेता अनुपम इस मुश्किल समय में उनका सहारा बनेंगे। लेकिन राजू के मुताबिक, उस दौर में अनुपम खेर खुद अपने करियर के एक अलग मोड़ से गुजर रहे थे — उन्होंने काम से दूरी बना ली थी क्योंकि वह हर तरह की फिल्मों के बजाय ऐसे किरदारों और प्रोजेक्ट्स का इंतजार कर रहे थे, जिनमें कुछ ठोस करने का मौका मिले। राजू को उस वक्त लगा था कि भाई मदद कर सकते थे, और मदद न मिलने पर उन्हें निराशा हुई। इस इंटरव्यू की विस्तृत रिपोर्ट कई मनोरंजन प्रकाशनों में छपी है, जिनमें यह रिपोर्ट भी शामिल है।
हालांकि सालों बाद राजू की सोच बदली। उन्होंने बताया कि एक दिन अखबार में उन्होंने अनुपम खेर का एक इंटरव्यू पढ़ा, जिसमें उनके भाई ने अपने निजी जीवन की एक गहरी इच्छा — खुद का बच्चा होने की ख्वाहिश — के बारे में बात की थी। अनुपम खेर की शादी 1985 में अभिनेत्री किरण खेर से हुई थी; किरण अपनी पहली शादी से सिकंदर खेर की मां थीं, जिन्हें अनुपम हमेशा से अपने बेटे की तरह मानते आए हैं। राजू ने कहा कि उस दिन उन्हें एहसास हुआ कि उन्होंने भाई को ‘taken for granted’ लिया था — उन्होंने मान लिया था कि आर्थिक रूप से सफल भाई की जिंदगी में कोई परेशानी नहीं है। राजू ने माना कि उस दिन के बाद उन्होंने किसी से कोई उम्मीद रखना छोड़ दिया।
राजू ने यह भी याद किया कि 2004 में जब उन्हें ब्लैडर कैंसर का पता चला था, तब अनुपम खेर ने भाई होने का फर्ज पूरी तरह निभाया था। उस वक्त अनुपम विदेश में एक प्रोजेक्ट की शूटिंग कर रहे थे, लेकिन खबर मिलते ही वह तुरंत मुंबई लौट आए। उन्होंने राजू को लीलावती अस्पताल में भर्ती कराया और इलाज का सारा खर्च खुद उठाया। राजू ने कहा कि मुश्किल समय में भाई हमेशा उनकी ताकत का स्तंभ रहे हैं। विकिपीडिया के अनुसार राजू खेर अभिनेता और निर्देशक हैं, जो 1998 से फिल्मों और टेलीविजन में सक्रिय हैं।
टाइमलाइन
- 11 सितंबर 1957: जम्मू-कश्मीर के बारामुला में कश्मीरी पंडित परिवार में जन्म; बड़े भाई अनुपम खेर के साथ गहरा रिश्ता।
- 1986: रीमा खेर से शादी।
- 1990 का दशक: दूरदर्शन से टेलीविजन करियर की शुरुआत — ‘इम्तिहान’ और ‘सैलाब’ जैसे धारावाहिकों में काम।
- 1998: फिल्म ‘गुलाम’ में अलीशा के पिता की भूमिका से फिल्मों में पहचान।
- 1999: टीवी धारावाहिक ‘संस्कार’ का निर्देशन।
- 2000 के आसपास: ‘Life Ke Liye Kuch Bhi Karega’ प्रोजेक्ट में घर बेचकर लगाई पूंजी; चैनल के गायब होने से भारी आर्थिक नुकसान।
- 2004: ब्लैडर कैंसर का पता चला; अनुपम खेर ने इलाज का पूरा खर्च उठाया।
- अक्टूबर 2026: सिद्धार्थ कन्नन के पॉडकास्ट इंटरव्यू में उस मुश्किल दौर का खुलासा।
राजू खेर की प्रमुख फिल्में और भूमिकाएं
| फिल्म | साल | भूमिका |
|---|---|---|
| गुलाम | 1998 | अलीशा के पिता |
| जंगल | 2000 | मिस्टर मल्होत्रा |
| ओम जय जगदीश | 2002 | — |
| बरदाश्त | 2004 | — |
| दिल्ली बेली | 2011 | जुबिन मेहरा (सोनिया के पिता) |
| शूटआउट ऐट वडाला | 2013 | इंस्पेक्टर अंबोलकर |
| कृष 3 | 2013 | काल की लैब के वैज्ञानिक |
| मैं तेरा हीरो | 2014 | — |
| ऊंचाई | 2022 | गगन “गुड्डू” शर्मा |
| पटना शुक्ला | 2024 | तन्वी के पिता |
इसका मतलब क्या है?
यह कहानी सिर्फ एक भाई के दर्द की नहीं, बल्कि कामयाबी के पीछे छिपे संघर्ष की भी है। राजू खेर ने खुद स्वीकार किया कि उन्होंने भाई को ‘taken for granted’ लिया था — उन्हें लगता था कि स्थापित और सफल अनुपम खेर की जिंदगी में कोई परेशानी नहीं हो सकती। लेकिन उसी दौर में अनुपम भी अपने करियर को लेकर असमंजस में थे और पसंदीदा भूमिकाओं के इंतजार में काम से दूर थे। बाद में जब राजू को कैंसर हुआ, तो वही भाई इलाज का पूरा खर्च उठाकर उनके साथ खड़ा हुआ। यह किस्सा दिखाता है कि परिवार के रिश्तों में मदद की उम्मीद के साथ-साथ दूसरे की परेशानियों को समझना भी उतना ही जरूरी है — और राजू ने यही सीख सालों बाद खुद साझा की।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
राजू खेर कौन हैं?
राजू खेर अनुपम खेर के छोटे भाई हैं — अभिनेता और निर्देशक। उनका जन्म 11 सितंबर 1957 को जम्मू-कश्मीर के बारामुला में हुआ था। 1990 के दशक में उन्होंने दूरदर्शन से टेलीविजन करियर की शुरुआत की और ‘गुलाम’, ‘दिल्ली बेली’, ‘कृष 3’ व ‘ऊंचाई’ जैसी फिल्मों में नजर आए।
राजू खेर ने घर क्यों बेचा था?
करीब 2000 में एक नए टीवी चैनल के लिए ‘Life Ke Liye Kuch Bhi Karega’ नाम का कार्यक्रम बनाने में उन्होंने घर बेचकर मिली रकम लगा दी थी। चैनल अचानक गायब हो गया और उनका पैसा डूब गया।
क्या अनुपम खेर ने भाई की मदद नहीं की थी?
राजू के मुताबिक उस वक्त अनुपम भी अपने करियर के मुश्किल दौर से गुजर रहे थे और काम से दूर थे, इसलिए मदद नहीं मिल सकी। बाद में 2004 में राजू के कैंसर के इलाज का पूरा खर्च अनुपम ने ही उठाया था।
यह खुलासा कहां हुआ?
सिद्धार्थ कन्नन के पॉडकास्ट इंटरव्यू में, जो अक्टूबर 2026 में सामने आया।

