काम के लिए Kishore Kumar के आगे गिड़गिड़ाए थे Mehmood — ट्रेन में टॉफी बेचने वाला बना 'King of Comedy' — 94वीं जयंती स्पेशल
Bollywood

काम के लिए Kishore Kumar के आगे गिड़गिड़ाए थे Mehmood — ट्रेन में टॉफी बेचने वाला बना ‘King of Comedy’ — 94वीं जयंती स्पेशल

94वीं जयंती पर याद किए जा रहे ‘किंग ऑफ कॉमेडी’ Mehmood

हिंदी सिनेमा के दिग्गज कॉमेडी कलाकार Mehmood की 94वीं जयंती पर बॉलीवुड उन्हें याद कर रहा है। 29 सितंबर 1932 को मुंबई में जन्मे महमूद अली ने 300 से ज्यादा फिल्मों में काम किया; उनका निधन 23 जुलाई 2004 को हुआ था। जयंती पर उनके दो किस्से फिर चर्चा में हैं — एक दौर में Mehmood ने काम के लिए Kishore Kumar के आगे गिड़गिड़ाया था, और बचपन में वे मुंबई की लोकल ट्रेनों में टॉफी व स्टेशनों के बाहर अंडे बेचा करते थे।

Kishore Kumar के आगे गिड़गिड़ाए थे Mehmood

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जब Mehmood बुरे दौर से गुजर रहे थे और Kishore Kumar अपने सुनहरे दौर में थे, तब Mehmood ने उनसे काम मांगा था। बताया जाता है कि Kishore Kumar ने कहा था कि वे ऐसे शख्स को मौका नहीं दे सकते, जो आगे चलकर उनके लिए चुनौती बन जाए। इस पर Mehmood ने वादा किया था कि जब वे खुद फिल्म निर्माता बनेंगे, तो अपनी फिल्म में Kishore Kumar को जरूर काम देंगे।

वक्त बदला — Kishore Kumar ने 1966 की ‘प्यार किए जा’ में Mehmood को काम दिया, और वादा निभाते हुए Mehmood ने अपनी होम प्रोडक्शन ‘पड़ोसन’ (1968) में Kishore Kumar को कास्ट किया। निर्माण Mehmood ने किया था, वे खुद भी फिल्म में थे और सुनील दत्त भी साथ थे। ‘पड़ोसन’ हिंदी सिनेमा की यादगार कॉमेडी फिल्मों में गिनी जाती है।

ट्रेन में टॉफी, स्टेशन के बाहर अंडे — बचपन का संघर्ष

पिता मुमताज अली 1940 से 1970 के दशक तक सिनेमा में डांसर-अभिनेता रहे, फिर भी परिवार को तंगी झेलनी पड़ी। घर चलाने के लिए Mehmood ने बचपन में ही काम शुरू कर दिया — लोकल ट्रेनों में टॉफी बेची, स्टेशनों के बाहर अंडे बेचे। रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने टैक्सी भी चलाई और फिल्मकार पी.एल. संतोषी के ड्राइवर भी रहे।

फिल्मी शुरुआत 11 साल की उम्र में बाल कलाकार के तौर पर हुई — 1943 की ‘किस्मत’ में शेखर नाम के बच्चे का रोल। व्यस्क अभिनेता के तौर पर पहली फिल्म देवानंद-वहीदा रहमान की ‘सीआईडी’ (1956) थी, जिसमें वे शेर सिंह नाम के निगेटिव किरदार में दिखे थे।

300 से ज्यादा फिल्मों का सफर

‘परवरिश’ (1958) Mehmood के करियर का अहम मोड़ बनी; 1960-70 के दशक में वे हिंदी सिनेमा के सबसे लोकप्रिय कॉमेडी कलाकार बन गए। ‘भूत बंगला’, ‘पड़ोसन’, ‘बॉम्बे टू गोवा’, ‘दो फूल’, ‘कुंवारा बाप’, ‘साधू और शैतान’ और ‘एक कली मुस्काई’ उनकी चर्चित फिल्मों में हैं। ‘कुंवारा बाप’ (1974) में उन्होंने एक बच्चे को गोद लेने वाले रिक्शा चालक का भावुक किरदार निभाया था।

उन्होंने कई कलाकारों को मौका भी दिया — रिपोर्ट्स के मुताबिक अमिताभ बच्चन को ‘बॉम्बे टू गोवा’ (1972) में ब्रेक उन्होंने दिया, और आर.डी. बर्मन को शुरुआती मौके देने वालों में भी उनका नाम लिया जाता है। उनके बेटे लकी अली मशहूर गायक हैं। एक और चर्चित किस्सा राजेश खन्ना से जुड़ा है — रिपोर्ट्स के मुताबिक 1979 में ‘जनता हवलदार’ की शूटिंग में लगातार लेटलतीफी से नाराज होकर Mehmood ने गुस्से में उन्हें थप्पड़ मार दिया था।

मूल रिपोर्ट एबीपी लाइव पर पढ़ें।

टाइमलाइन: Mehmood के जीवन की अहम तारीखें

  • 29 सितंबर 1932 — मुंबई में जन्म; पूरा नाम महमूद अली।
  • 1943 — 11 साल की उम्र में ‘किस्मत’ से बाल कलाकार डेब्यू।
  • 1956 — ‘सीआईडी’ से व्यस्क डेब्यू; निगेटिव रोल।
  • 1966 — Kishore Kumar की ‘प्यार किए जा’ में काम मिला।
  • 1968 — ‘पड़ोसन’ में Kishore Kumar को कास्ट करके वादा निभाया।
  • 1972 — ‘बॉम्बे टू गोवा’; अमिताभ बच्चन को बड़ा ब्रेक।
  • 23 जुलाई 2004 — 71 साल की उम्र में निधन।

चुनिंदा फिल्में: एक नजर में

फिल्मसालउल्लेखनीय बात
किस्मत1943बाल कलाकार डेब्यू
सीआईडी1956व्यस्क डेब्यू; निगेटिव किरदार
पड़ोसन1968Mehmood का प्रोडक्शन; Kishore Kumar सह-कलाकार
बॉम्बे टू गोवा1972अमिताभ बच्चन को मिला ब्रेक
कुंवारा बाप1974रिक्शा चालक का भावुक किरदार
जनता हवलदार1979राजेश खन्ना-हेमा मालिनी के साथ

इसका मतलब क्या है?

Mehmood की कहानी उस दौर के सिनेमा की तस्वीर भी है, जब स्टारडम का रास्ता ट्रेनों में टॉफी बेचने से गुजरता था। 300 से ज्यादा फिल्मों वाले Mehmood ने कॉमेडी को वह जगह दिलाई कि पोस्टरों पर हीरो के साथ उनका चेहरा भी छपता था। अमिताभ बच्चन और आर.डी. बर्मन को मौका देने वाले Mehmood का योगदान अभिनय से आगे तक गया। 94वीं जयंती पर ‘पड़ोसन’ याद दिलाती है कि हंसी के पीछे कितना बड़ा संघर्ष था। उनके बारे में और जानकारी विकिपीडिया पर उपलब्ध है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Mehmood कौन थे?
महमूद अली (29 सितंबर 1932 – 23 जुलाई 2004) हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता-कॉमेडियन थे, जिन्हें ‘किंग ऑफ कॉमेडी’ कहा जाता है। उन्होंने 300 से ज्यादा फिल्मों में काम किया।

Kishore Kumar से जुड़ा किस्सा क्या है?
रिपोर्ट्स के मुताबिक बुरे दौर में Mehmood ने Kishore Kumar से काम मांगा था, लेकिन इनकार मिला था। बाद में Mehmood ने अपनी फिल्म ‘पड़ोसन’ (1968) में Kishore Kumar को कास्ट करके वादा पूरा किया।

Mehmood की यादगार फिल्में कौन-सी हैं?
‘पड़ोसन’, ‘बॉम्बे टू गोवा’, ‘कुंवारा बाप’, ‘भूत बंगला’, ‘दो फूल’ और ‘साधू और शैतान’ उनकी चर्चित फिल्मों में गिनी जाती हैं।

और पढ़ें