'Mile Sur Mera Tumhara' के 38 साल: 14 भाषाओं में एक ही संदेश, 23 सितारे और 9 आवाज़ों से गूंजी थी एकता की धुन
Television

‘Mile Sur Mera Tumhara’ के 38 साल: 14 भाषाओं में एक ही संदेश, 23 सितारे और 9 आवाज़ों से गूंजी थी एकता की धुन

“Mile Sur Mera Tumhara” — 1988 का वह गीत, जिसे सुनकर 38 साल बाद भी आंखें नम हो जाती हैं। 15 अगस्त 1988 को दूरदर्शन पर पहली बार प्रसारित इस गीत ने महज 18 शब्दों के सहारे 14 भाषाओं में अनेकता में एकता का संदेश दिया था। 23 सितारे, 9 आवाज़ें और एक ही सुर — यही वह जादू है जो चार दशक बाद भी कायम है। हाल ही में मीडिया में इस ऐतिहासिक गीत की 38वीं वर्षगांठ की चर्चा (Zoom TV) ने एक बार फिर लोगों को उस सुनहरे दौर की याद दिला दी है।

इस गीत की संकल्पना 1988 में लोक सेवा संचार परिषद (Lok Seva Sanchar Parishad) ने विकसित की थी। इसका प्रचार दूरदर्शन — जो तब भारत का एकमात्र टेलीविज़न प्रसारक था — और सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने किया। गीत को सुरेश मल्लिक और कैलाश सुरेंद्रनाथ ने सोचा था, निर्देशन कैलाश सुरेंद्रनाथ ने किया, संगीत अशोक पाटकी ने दिया, अरेंजमेंट लुई बैंक्स का था और बोल पियूष पांडे ने लिखे थे। यह गीत पहली बार स्वतंत्रता दिवस 1988 को लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री के भाषण के प्रसारण के बाद टेलीकास्ट हुआ था। इसकी सबसे खास बात इसका अंत है — गीत धीरे-धीरे राष्ट्रगान की अंतिम धुनों में विलीन हो जाता है।

“Mile Sur Mera Tumhara” में कौन-कौन था?

इस वीडियो में उस दौर के फिल्मी सितारों, शास्त्रीय गायकों, खिलाड़ियों, नर्तकों, लेखकों और कार्टूनिस्टों का अभूतपूर्व संगम था। गायकों में पंडित भीमसेन जोशी, लता मंगेशकर, एम. बालमुरलीकृष्ण, कविता कृष्णमूर्ति, शुभांगी बोस, सुचित्रा मित्रा, आर. ए. रामा मणि और आनंद शंकर शामिल थे। अभिनेताओं में अमिताभ बच्चन, कमल हासन, जितेंद्र, मिथुन चक्रवर्ती, हेमा मालिनी, शर्मिला टैगोर, सायरा बानो, वहीदा रहमान, शबाना आज़मी, रेवती, मीनाक्षी शेषाद्रि, तनुजा, के. आर. विजया, ओम पुरी, अमरीश पुरी, दीना पाठक, दीपा साही, प्रताप पोथेन और उत्तम मोहंती थे। खेल जगत से प्रकाश पादुकोण, पी. के. बनर्जी, चुन्नी गोस्वामी, लेस्ली क्लाडियस, गुरुबक्स सिंह, नरेंद्र हीरवानी, एस. वेंकटराघवन, अरुण लाल, ई. ए. एस. प्रसन्ना और डायना एडुल्जी दिखे। इनके अलावा नृत्यांगना मल्लिका साराभाई, कार्टूनिस्ट मारियो मिरांडा और फिल्मकार मृणाल सेन ने भी इसमें हिस्सा लिया।

2010 और 2020: दोबारा गूंजा वही सुर

वर्ष 2010 में इस गीत को ‘फिर मिले सुर मेरा तुम्हारा’ के नाम से नए कलाकारों के साथ दोबारा पेश किया गया था। कैलाश सुरेंद्रनाथ के निर्देशन में बने इस नए संस्करण में श्रेया घोषाल और शान जैसे आधुनिक दौर के गायकों ने अपनी आवाज दी। इसके एक दशक बाद, 2020 में संगीतकार जोड़ी सचिन-जिगर ने फिल्म ‘स्ट्रीट डांसर 3डी’ के लिए इसका नया संस्करण तैयार किया, जिसके बोल जिगर सरैया ने लिखे। हालांकि नए संस्करणों ने भी लोकप्रियता बटोरी, लेकिन 1988 के मूल गीत की लोकप्रियता और उससे जुड़ी लोगों की भावनाएं आज भी अद्वितीय हैं।

टाइमलाइन: “Mile Sur Mera Tumhara” का सफर

  • 1988 — लोक सेवा संचार परिषद ने राष्ट्रीय एकता को समर्पित गीत की संकल्पना विकसित की; दूरदर्शन और सूचना मंत्रालय ने इसका प्रचार किया।
  • 15 अगस्त 1988 — स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से प्रधानमंत्री के भाषण के बाद दूरदर्शन पर गीत का पहला प्रसारण।
  • 2010 — ‘फिर मिले सुर मेरा तुम्हारा’ — कैलाश सुरेंद्रनाथ के निर्देशन में नया संस्करण, श्रेया घोषाल और शान की आवाजों के साथ।
  • 2020 — ‘स्ट्रीट डांसर 3डी’ के लिए सचिन-जिगर ने नया संस्करण तैयार किया, बोल जिगर सरैया के।
  • 2026 — गीत को 38 साल पूरे; आज भी राष्ट्रीय एकता के सबसे प्रभावशाली गीतों में गिना जाता है।

14 भाषाओं का डेटा: एक ही वाक्य, चौदह सुर

गीत की पूरी रचना “मिले सुर मेरा तुम्हारा, तो सुर बने हमारा” — यानी “जब मेरा सुर और तुम्हारा सुर मिलते हैं, तो वह हमारा सुर बन जाता है” — वाक्य के इर्द-गिर्द बुनी गई है। 1988 में संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल भाषाओं में से ये 14 भाषाएं इसमें शामिल थीं:

क्रमभाषाक्रमभाषा
1हिंदी8तेलुगु
2कश्मीरी9मलयालम
3पंजाबी10बंगाली
4सिंधी11असमिया
5उर्दू12उड़िया
6तमिल13गुजराती
7कन्नड़14मराठी

इसका मतलब क्या है?

1988 वह दौर था जब दूरदर्शन देश का एकमात्र टीवी चैनल था और शाम के बुलेटिन के बाद पूरा देश एक साथ एक ही स्क्रीन के सामने बैठता था। “Mile Sur Mera Tumhara” उस दौर की सबसे बड़ी सामूहिक यादों में से एक बन गया — एक ऐसा गीत जिसने फिल्मी सितारों को खेल के हीरोज़, शास्त्रीय संगीत के दिग्गजों को कार्टूनिस्टों के साथ एक ही फ्रेम में खड़ा किया। यह सिर्फ एक गीत नहीं था, बल्कि राष्ट्रीय एकता का एक सांस्कृतिक प्रतीक था, जिसे आज भी सामान्य ज्ञान की किताबों और टीवी की रेट्रो स्पेशल चर्चाओं में संदर्भित किया जाता है। इसका संदेश — ‘अनेकता में एकता’ — आज के भाषाई और क्षेत्रीय विवादों के दौर में भी उतना ही प्रासंगिक है जितना 38 साल पहले था।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

सवाल: “Mile Sur Mera Tumhara” गीत सबसे पहले कब प्रसारित हुआ था?
जवाब: 15 अगस्त 1988 को, स्वतंत्रता दिवस के दिन, लाल किले से प्रधानमंत्री के भाषण के प्रसारण के बाद दूरदर्शन पर।

सवाल: इस गीत का संगीत किसने दिया था?
जवाब: संगीत अशोक पाटकी ने दिया था, अरेंजमेंट लुई बैंक्स का था और बोल पियूष पांडे ने लिखे थे। निर्देशन कैलाश सुरेंद्रनाथ ने किया था।

सवाल: गीत में कितनी भाषाएं शामिल हैं?
जवाब: कुल 14 भाषाएं — हिंदी, कश्मीरी, पंजाबी, सिंधी, उर्दू, तमिल, कन्नड़, तेलुगु, मलयालम, बंगाली, असमिया, उड़िया, गुजराती और मराठी।

सवाल: क्या इस गीत का नया संस्करण भी बना है?
जवाब: हां, दो बार — 2010 में ‘फिर मिले सुर मेरा तुम्हारा’ (निर्देशन: कैलाश सुरेंद्रनाथ) और 2020 में ‘स्ट्रीट डांसर 3डी’ के लिए सचिन-जिगर का संस्करण। (Wikipedia पर पूरी जानकारी)

और पढ़ें