Sat, Oct 31, 2026
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2:30 बजे नाना पाटेकर का दोस्त को आखिरी मैसेज ‘तबीयत खराब है’, सुबह अस्पताल में हुई मौत, डॉक्टर बोले ‘मृत लाए गए’

2:30 बजे नाना पाटेकर का दोस्त को आखिरी मैसेज 'तबीयत खराब है', सुबह अस्पताल में हुई मौत, डॉक्टर बोले 'मृत लाए गए'

बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का गुरुवार (8 अक्टूबर) की सुबह 75 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। लेकिन इस खबर के पीछे एक बेहद भावुक खुलासा सामने आया है — मौत से कुछ घंटे पहले, रात के 2:30 बजे, उन्होंने अपने एक दोस्त को मैसेज भेजकर बताया था कि उनकी तबीयत ठीक नहीं है। यह उनके अंतिम घंटों की सबसे निजी और दर्दनाक झलक मानी जा रही है।

मणिपाल अस्पताल के ऑन्कोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. शेखर सल्कर ने गुरुवार को नाना पाटेकर के अंतिम घंटों की जानकारी मीडिया को दी। डॉक्टर के मुताबिक, अभिनेता को अस्पताल में बेहोश और बेजान हालत में लाया गया था। इसके बाद डॉक्टरों की टीम ने लंबे समय तक उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन हर प्रयास असफल रहा। डॉ. सल्कर ने साफ शब्दों में कहा, “नाना पाटेकर को अस्पताल में मृत लाया गया।”

बताया गया कि नाना पाटेकर को अपने गोवा स्थित निवास पर दिल का दौरा पड़ा था। दोस्त को रात 2:30 बजे भेजा गया उनका वह मैसेज अब उनके अंतिम शब्दों के तौर पर देखा जा रहा है। निधन की खबर आते ही फिल्म इंडस्ट्री, राजनेताओं और उनके लाखों प्रशंसकों में शोक की लहर दौड़ गई। कई दिग्गज कलाकारों और नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।

टाइमलाइन: नाना पाटेकर के जीवन के अहम पड़ाव

  • 1 जनवरी 1951 — महाराष्ट्र के मुरुड-जंजीरा में जन्म। साधारण परिवार से निकलकर सिनेमा की ऊंचाइयों तक का सफर।
  • 1978 — फिल्म “गमन” से हिंदी सिनेमा में अभिनय की शुरुआत।
  • 1990 — “परिंदा” में दमदार अभिनय के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार (सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता)।
  • 1995 — “क्रांतिवीर” के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार (सर्वश्रेष्ठ अभिनेता) और फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का सम्मान।
  • 2013 — कला के क्षेत्र में योगदान के लिए भारत सरकार ने पद्मश्री से सम्मानित किया।
  • 2015 — अभिनेता मकरंद अनासपुरे के साथ “नाम फाउंडेशन” की स्थापना, जो सूखा प्रभावित किसानों की मदद के लिए जाना जाता है।

नाना पाटेकर को मिले प्रमुख सम्मान

नाना पाटेकर हिंदी सिनेमा के उन गिने-चुने कलाकारों में थे, जिन्हें तीन बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला। उनकी यादगार फिल्मों में “परिंदा”, “अंकुश”, “प्रहार”, “क्रांतिवीर”, “अग्नि साक्षी”, “खामोशी”, “अब तक छप्पन” और “वेलकम” शामिल हैं। नीचे उनके प्रमुख राष्ट्रीय सम्मानों की सूची:

वर्षसम्मानश्रेणीफिल्म/क्षेत्र
1990राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारसर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेतापरिंदा
1993फिल्मफेयर पुरस्कारसर्वश्रेष्ठ खलनायकअंगार
1995राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारसर्वश्रेष्ठ अभिनेताक्रांतिवीर
1995फिल्मफेयर पुरस्कारसर्वश्रेष्ठ अभिनेताक्रांतिवीर
1997राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारसर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेताअग्नि साक्षी
2013पद्मश्रीकलाभारत सरकार

इसका मतलब क्या है?

डॉ. शेखर सल्कर के खुलासे के बाद अब नाना पाटेकर के निधन से जुड़ी अंतिम रात की तस्वीर काफी हद तक साफ हो गई है। रात 2:30 बजे दोस्त को भेजा गया मैसेज बताता है कि उन्हें उस समय अस्वस्थता का अहसास हो रहा था, लेकिन हालत इतनी गंभीर हो गई कि सुबह अस्पताल पहुंचने तक उन्हें बचाया नहीं जा सका। मेडिकल भाषा में “ब्रॉट डेड” का मतलब होता है कि मरीज की अस्पताल पहुंचने से पहले ही मृत्यु हो चुकी थी — यह शब्द अक्सर अचानक आए कार्डियक अरेस्ट के मामलों में इस्तेमाल होता है। नाना पाटेकर न सिर्फ एक महान अभिनेता थे, बल्कि किसानों के लिए काम करने वाले समाजसेवी भी थे, इसलिए उनके जाने से सिनेमा और समाजसेवा दोनों क्षेत्रों में खालीपन पैदा हुआ है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

नाना पाटेकर का निधन कब और कैसे हुआ?
गुरुवार (8 अक्टूबर) की सुबह उन्हें अपने गोवा स्थित निवास पर दिल का दौरा पड़ा। अस्पताल पहुंचने तक उनका निधन हो चुका था।

रात 2:30 बजे नाना पाटेकर ने किसको मैसेज भेजा था?
उन्होंने अपने एक दोस्त को मैसेज भेजकर बताया था कि उनकी तबीयत ठीक नहीं है। दोस्त का नाम सार्वजनिक नहीं किया गया है।

अस्पताल में क्या हुआ था?
मणिपाल अस्पताल के डॉ. शेखर सल्कर के मुताबिक, अभिनेता को बेहोश और बेजान हालत में लाया गया था। लंबे समय तक resuscitation की कोशिश के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।

नाना पाटेकर कितने साल के थे?
नाना पाटेकर का जन्म 1 जनवरी 1951 को हुआ था, इसलिए निधन के समय वह 75 वर्ष के थे।

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यह खबर इंडियन एक्सप्रेस और बॉलीवुड हंगामा की रिपोर्टों पर आधारित है।

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