बॉलीवुड के दिग्गज चरित्र अभिनेता मुश्ताक खान के निधन के बाद अब हर कोई यह जानना चाहता है — मुश्ताक खान संपत्ति कितनी थी और मरने से पहले उनका लाइफस्टाइल कैसा था। ‘वेलकम’ में बालू का किरदार निभाकर घर-घर पहचान बनाने वाले मुश्ताक खान की जिंदगी की सच्चाई जानकर आप हैरान रह जाएंगे — 100 से ज्यादा फिल्मों में काम करने के बाद भी वह करोड़ों की दौलत नहीं जोड़ पाए थे।
मुश्ताक खान संपत्ति: मीडिया अनुमान 5 से 10 करोड़ रुपये
मुश्ताक खान संपत्ति को लेकर इंटरनेट पर कई तरह के दावे मौजूद हैं, लेकिन सच्चाई यह है कि अभिनेता की कुल दौलत का कोई आधिकारिक आंकड़ा कभी सामने नहीं आया। मीडिया रिपोर्ट्स और सेलिब्रिटी नेटवर्थ का आकलन करने वाली वेबसाइटों के मुताबिक, उनकी अनुमानित नेटवर्थ 5 से 10 करोड़ रुपये के बीच बताई जाती है। यह सिर्फ एक अनुमान है, क्योंकि मुश्ताक खान ने खुद कभी अपनी कमाई का खुलासा नहीं किया था।
चार दशक काम किया, फिर भी स्टार-लेवल की दौलत नहीं
इतना तय है कि चार दशक तक फिल्मों और टेलीविजन में लगातार काम करने के बावजूद मुश्ताक खान कभी स्टार-लेवल की दौलत के मालिक नहीं बने। वह उन चरित्र अभिनेताओं में से थे जिनके चेहरे को तो हर कोई पहचानता था, लेकिन फीस के मामले में वह बड़े सितारों से कोसों दूर थे — और यही कारण है कि मुश्ताक खान संपत्ति को लेकर कभी सुर्खियों में नहीं आए। ‘हम हैं राही प्यार के’, ‘क्रांतिवीर’, ‘गदर’, ‘हेरा फेरी’, ‘वेलकम’, ‘स्त्री’, ‘गदर 2’, ‘स्त्री 2’ और ‘जाट’ जैसी 100 से ज्यादा फिल्मों में काम करने के बाद भी उनकी जिंदगी सादगी से भरी रही।
‘वेलकम’ में मिली सिर्फ 1 लाख फीस — अक्षय के स्टाफ से भी कम सैलरी
मुश्ताक खान ने खुद एक इंटरव्यू में खुलासा किया था कि 2007 की ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘वेलकम’ में उन्हें सिर्फ 1 लाख रुपये की फिक्स फीस मिली थी — और वह भी 25 दिन के शूट के हिसाब से। दिक्कत यह रही कि शूटिंग लंबी खिंचती गई, लेकिन उनकी फीस नहीं बढ़ी। उन्होंने बताया था कि उनकी सैलरी अक्षय कुमार के स्टाफ से भी कम थी, क्योंकि स्टाफ को रोज के हिसाब से पैसे मिलते थे जबकि उनका पेमेंट फिक्स था।
उन्होंने यह भी बताया था कि वह इकोनॉमी क्लास में सफर करते थे और दुबई में उन्हें उसी होटल में ठहराया गया था, जहां अक्षय कुमार का स्टाफ रुका था। खास बात यह कि उन्होंने कभी अक्षय कुमार या अनिल कपूर से इस बारे में शिकायत नहीं की — उनका कहना था कि यह किसी स्टार की नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की समस्या है। इस खुलासे के बाद मुश्ताक खान संपत्ति को लेकर लोगों की जिज्ञासा और बढ़ गई थी। हालांकि उन्होंने यह भी कहा था कि नई पीढ़ी के फिल्ममेकर हालात बदल रहे हैं और ‘स्त्री 2’ जैसी फिल्मों में सभी का ख्याल रखा जाता है।
2024 में अपहरण: 12 घंटे बंधक, 1 करोड़ की फिरौती मांगी गई
मुश्ताक खान की सादगी भरी जिंदगी में एक खौफनाक मोड़ तब आया जब 20 नवंबर 2024 को उन्हें मेरठ में एक इवेंट के बहाने बुलाकर अगवा कर लिया गया। दिल्ली एयरपोर्ट से एक कार में बिठाकर उन्हें बिजनौर के पास सुनसान जगह ले जाया गया, जहां करीब 12 घंटे तक बंधक बनाकर रखा गया। अपहरणकर्ताओं ने 1 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी और उनके और उनके बेटे के खातों से 2 लाख रुपये से ज्यादा निकाल लिए।
सुबह अजान की आवाज सुनकर मुश्ताक खान को पास में मस्जिद होने का अंदाजा हुआ और वह मौका देखकर वहां से भाग निकले। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से वह सुरक्षित घर लौटे और बाद में बिजनौर में FIR दर्ज कराई गई। इस घटना ने उन्हें अंदर तक हिला दिया था, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और काम पर लौट आए।
रेलवे स्टेशन पर रातें गुजारने वाला लड़का बना बॉलीवुड का चेहरा
मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के बैहर कस्बे में जन्मे मुश्ताक खान बचपन से ही अभिनय के शौकीन थे। रामलीला में काम करने से लेकर स्कूल-कॉलेज के नाटकों तक, उन्होंने हर मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाई और कॉलेज में कल्चरल सेक्रेटरी भी बने। एक्टर बनने का सपना लेकर जब उन्होंने मुंबई जाने की बात कही, तो परिवार ने विरोध किया — लेकिन बड़े भाई के साथ से वह मायानगरी आ गए।
मुंबई के शुरुआती दिन बेहद कठिन थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, रहने की जगह न होने पर वह रेलवे स्टेशन और फुटपाथ पर रातें गुजारते थे। दिनभर काम की तलाश में भटकते और रात को स्टेशन पर सोते। बाद में वह थिएटर से जुड़े और एक नाटक के दौरान फिल्म निर्माता इस्माइल श्रॉफ की नजर उन पर पड़ी, जिन्होंने उन्हें फिल्म ‘थोड़ी सी बेवफाई’ में मौका दिया। यहीं से उनका फिल्मी सफर शुरू हुआ, जो चार दशक तक चला।
टेलीविजन पर भी छोड़ी गहरी छाप
फिल्मों के अलावा मुश्ताक खान ने टेलीविजन पर भी यादगार काम किया। ‘भारत एक खोज’, ‘नुक्कड़’, ‘कुछ रंग प्यार के ऐसे भी’ और ‘वागले की दुनिया’ जैसे शोज में उनके किरदारों को खूब पसंद किया गया। बड़े पर्दे और छोटे पर्दे — दोनों पर उन्होंने अपनी कॉमिक टाइमिंग और सहज अभिनय से दर्शकों का दिल जीता।
आखिरी दिनों तक सादा जीवन, अमीर विरासत
स्टारडम से दूर, मुश्ताक खान ने हमेशा सादा और जमीन से जुड़ा जीवन जिया। न तो कभी बड़ी-बड़ी गाड़ियों या आलीशान बंगलों की खबरें उनसे जुड़ीं, न ही कभी वह सुर्खियों के लिए विवादों में आए। मुश्ताक खान संपत्ति से ज्यादा अपनी अदाकारी से अमीर थे — और यही उनकी सबसे बड़ी दौलत थी। आखिरी दिनों तक वह फिल्मों में सक्रिय रहे — ‘स्त्री 2’ और ‘जाट’ (2025) जैसी फिल्में इसका सबूत हैं। उनकी जिंदगी इस बात की मिसाल है कि असली दौलत बैंक बैलेंस नहीं, बल्कि वह प्यार और सम्मान है जो उन्होंने करोड़ों दर्शकों से कमाया।
इस बारे में विस्तार से पढ़ें: टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट और इंडिया टीवी की रिपोर्ट।
